झरिया। झरिया राज प्लस टू हाई स्कूल और उसी के कैंपस में स्थित आरएसपी कॉलेज का अस्तित्व बचाने के लिए कॉलेज के छात्र संघ ने शनिवार को आंदोलन शुरू किया। झरिया राजपरिवार ने भी उनका समर्थन किया है। स्कूल परिसर में शनिवार को संघ की बैठक हुई।
उसके बाद छात्र-छात्राओं ने मेन गेट पर बीसीसीएल प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। संघ के पूर्व अध्यक्ष विनय रजवार ने इस दौरान कहा कि देश के लिए कोयले की जरूरत है, लेकिन छात्रों का भविष्य संवारना उससे ज्यादा जरूरी है। बीसीसीएल प्रबंधन 10 वर्षों से स्कूल और कॉलेज को आग से बचाने की सिर्फ नौटंकी कर रहा है।
कभी बोरहोल कराया जाता है, तो कभी ट्रेंच कटिंग की जाती है। कभी सिंफर के वैज्ञानिक की सलाह ली जाती है, तो कभी पानी की टंकी बनाने की बात होती है।
सच्चाई यह है कि प्रबंधन की नीयत ही ठीक नहीं है।
छात्रों से खिलवाड़ नहीं होने देंगे
झरियाराजपरिवार की सदस्य और आजसू नेता माधवी सिंह ने इस पूरे प्रकरण को बीसीसीएल और जिला प्रशासन का गठजोड़ बताया है। उन्होंने कहा कि उनके पूर्वजाें ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जमीन दान की थी, पर भूमिगत आग उसे निगलने को तैयार है। बीसीसीएल, प्रशासन और जनप्रतिनिधि स्कूल-कॉलेज को बचाने की कोई कोशिश नहीं कर रहे।
वे झरिया को उजाड़ने की साजिश में शामिल हैं। माधवी सिंह ने कहा कि वे 5000 छात्र-छात्राओं के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगी और जल्द ही डीसी तथा बीसीसीएल के सीएमडी से मिलकर इस संबंध में बात करेंगी।
उन्होंने कहा कि सिंफर कुछ दिनों पहले तक कह रहा था कि आग से कोई खतरा नहीं है और अचानक रिपोर्ट आई है कि आग स्कूल के करीब है। ये दोनों बातें समझ से परे हैं।