श्याम अखंड ज्योति नाट्य पाठ में झूमते रहे श्रद्धालु
जयश्रीराम और हर-हर महादेव के जयकारों के साथ झरिया के बनियाहीर स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के 22वां वार्षिकोत्सव धूमधाम के साथ प्रारंभ हुआ। मौके पर भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गयी। धर्मध्वजा से झरिया क्षेत्र पट-सा गया था। इस दौरान श्रीश्री हनुमत महायज्ञ का आयोजन किया गया है। पांच दिनों तक चलने वाले अनुष्ठान वसंत पंचमी के दिन संपन्न होगा।
1100कलशों के साथ निकली शोभा यात्रा
हनुमतमहायज्ञ के पहले दिन हनुमानगढ़ी मंदिर से भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गयी। वाराणसी से आये यज्ञाचार्य शशिकांत तिवारी के निर्देशन में अनुष्ठान प्रारंभ हुआ। प्रात: नौ बजे श्रद्धालु महिलाएं बालिकाएं कलश लेकर यज्ञ स्थल से नगर भ्रमण के लिये निकली। फुलारीबाग शिव मंदिर से कलश में पवित्र जल भरा। श्रद्धालु श्रीराम नामा पट्टा धारण किये हुए थे। झरिया नगरी का भ्रमण करते हुए पुन: हनुमान गढ़ी मंदिर परिसर पहुंची।
प्रवचन में बताया गया सुख समृद्धि का तरीका
महायज्ञके उपलक्ष्य में आयोजित प्रवचन के दौरान वक्ताओं ने लोगांे को सुख समृदि्ध के तरीके बताए। बक्सर से आए वक्ता शिवजी उपाध्याय योगेज जी महाराज उर्फ हलचल बाबा ने कहा कि धर्म को लोग भूलते जा रहे हैं। जिसके कारण ही चारों और भय, वैमनस्य, कलह, अशांति फैली हुई है। लोगों को एक बार फिर धर्म के प्रति आस्था जताना होगा।
हनुमानगढ़ी मंदिर के वार्षिकोत्सव पर झरिया में निकली शोभा यात्रा।
राजस्थानी समाज भवन में पाठ करती महिलाएं।