गोलबंद हो हाथियों का सामना करेंगे
कसमारएवं निकटवर्ती जरीडीह प्रखंड में जंगली हाथियों के उत्पात की समस्या के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश भड़कने लगा है। रविवार को भस्की गांव में कसमार प्रखंड अंतर्गत मुरहूलसूदी, हिसीम, सिंहपुर पंचायत तथा जरीडीह प्रखंड अंतर्गत अराजू, बेलडीह एवं भस्की पंचायत के सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति में जंगली हाथियों के उत्पात की समस्या को लेकर बैठक आयोजित की गयी। बैठक को संबोधित करते हुए आजसू के पूर्व जिलाध्यक्ष संतोष कुमार महतो ने कहा कि पिछले कई वर्षों से कसमार और जरीडीह प्रखंड के दर्जनों गांवों में जंगली हाथियों का उत्पात मचा हुआ है। जान-माल की लगातार क्षति हो रही है। फसलों की बड़े पैमाने पर बर्बादी हो चुकी है और यह सिलसिला अभी तक जारी है। इससे ग्रामीणों में चिंता व्याप्त है। परंतु शासन-प्रशासन इस समस्या के प्रति उदासीन बना हुआ है। महतो ने कहा कि शासन-प्रशासन इस गंभीर समस्या को बहुत हल्के में ले रहा है। ऐसा लगता है कि क्षेत्र के ग्रामीणों के जान-माल की कोई चिंता सरकार को नहीं है।
भस्की मुखिया लालधान टुडू ने कहा कि प्रशासन को इस समस्या से बार-बार अवगत कराने के बाद भी इसके समाधान की दिशा में अब-तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोग गांवों से पलायन करने के लिए विवश हो रहे हैं। यही स्थिति रही तो विकट समस्या उत्पन्न हो सकती है। पंसस शिवनाथ मुर्मू ने कहा कि हाथियों को भगाने के लिए टार्च, सर्च लाइट, पटाखा, केरोसिन आदि भी प्रशासन उपलब्ध नहीं करा रहा है। लोग शाम होते ही घरों में दुबकने के लिए विवश हो जाते हैं।