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दो साल में किसानों को नहीं मिला बीमा, इस बार नहीं मिल रहे किसान

4 वर्ष पहले
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जिलेके किसानों को फसल बीमा की राशि का भुगतान दो वर्ष बाद भी नहीं हुआ है। बीमा की राशि के लिए किसान विभाग का चक्कर लगा-लगाकर थक चुके हैं। इसका असर इस साल हो रहे फसल बीमा पर सीधा दिख रहा है। जिले में 62,500 फसल बीमा का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। लेकिन अब तक 19,101 किसानों ने ही फसल बीमा के लिए आवेदन दिया है।

किसानों का कहना है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर बीते दो साल से कार्यालय का चक्कर काटते काटते परेशान हो गए। मगर पदाधिकारियों ने कभी उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया। जिस कारण कई किसान ऋण के दल-दल में फंसते चले गए। खेती के लिए हमलोगों ने अपनी गाय, बकरी एवं हन्य जानवरों को बेच डाला। कर्ज लेकर खेती किया। मगर वर्ष 2015-16 में मौसम के दगा दे जाने के कारण जिला में खरीफ फसल अनुमान से काफी कम पैदावार हुई थी। ऊपर से सरकार ने फल बीमा की राशि का भुगतान भी दो वर्ष बीतने के बाद नहीं किया है। पचड़े के कारण इस बार बीमा योजना का लाभ लेने में रूचि नहीं ले रहे हैं।

^क्षतिपूर्ति की राशि कोऑपरेटिव बैंक को आवंटित किया गया है। किसान के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए किसानों को अपना बैक खाता संख्या एवं आधार संख्या जमा करना होगा। सैकड़ों किसानों ने आधार एवं खाता संख्या जमा नहीं किया है। रामनाथ प्रसाद, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जामताड़ा

दो प्रतिशत लिया जाता है क्षतिपूर्ति राशि का बीमा

आजभी सैकड़ों किसान फल बीमा योजना का राशि लेने के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे है मगर उन्हें राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। विभाग का कहना है कि फसल बीमा का राशि हाथों हाथ कैश से भुगतान नहीं किया जाएगा। बल्कि किसान के बैंक एकाउंट में राशि डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा। इसके लिए किसान के पास बैंक खाता एवं आधार होना आवश्यक है। इसके अभाव में राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।

विभाग किसानाें के सीधे खाते में देगी बीमा राशि

आजभी सैकड़ों किसान फल बीमा योजना का राशि लेने के लिए कार्यालय का चक्कर काट रहे है मगर उन्हें राशि का भुगतान नहीं हो रहा है। विभाग का कहना है कि फसल बीमा का राशि हाथों हाथ कैश से भुगतान नहीं किया जाएगा। बल्कि किसान के बैंक एकाउंट में राशि डीबीटी के माध्यम से भेजा जाएगा। इसके लिए किसान के पास बैंक खाता एवं आधार होना आवश्यक है। इसके अभाव में राशि का भुगतान नहीं किया जाएगा।

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