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कोल वाशरी के मुख्य द्वार पर काला झंडा लगाया

7 वर्ष पहले
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> कोल इंडिया के निजीकरण का अध्यादेश संसद में पेश किए जाने का विरोध किया

भास्करन्यूज| दुगदा

कोलइंडिया के निजीकरण का अध्यादेश संसद में पेश किए जाने के विरोध में ऑल इंडिया कोल वर्कर्स फेडरेशन (सीटू) द्वारा दुगदा कोल वाशरी के मुख्य द्वार पर काला झंडा फहराया गया। कोल वाशरी के मुख्य द्वार पर आयोजित नुक्कड़ सभा को फेडरेशन के राष्ट्रीय सचिव बैजनाथ केवट ने कहा कि कोयला मजदूरों के लिए आज का दिन काला दिवस है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार द्वारा संसद में कोल उद्योग के निजीकरण का बिल लाया गया है। यह बिल मजदूरों के हक अधिकार पर कुठाराघात है। उन्होंने कहा कि सरकार इस बिल को वापस नहीं लेती है तो कोयला मजदूर हड़ताल पर जाएंगे। सभा को बुधन मांझी, धीरन साव, गंगा साव, सियाराम मांझी, कदम मांझी, सुरेश साव, बुधन तुरी, बेबी देवी आदि ने संबोधित किया।

जारंगडीहमें भी हुआ विरोध

कथारा।केंद्र सरकार द्वारा कोल इंडिया के निजीकरण के लेकर लोकसभा में लाए गए विल को लेकर सीटू द्वारा विरोध प्रकट किया गया। जारंगडीह में सीटू के यूनियन प्रतिनिधियों ने यूनियन कार्यालय में काला झंडा फहराकर विरोध प्रकट किया। मौके पर यूनियन नेता श्याम बिहारी सिंह दिनकर ने कहा कि कोल इंडिया के निजीकरण का सीटू विरोध करेगी। इसको लेकर आंदोलन तेज किया जाएगा। मौके पर कमलेश गुप्ता, दिन बंधु प्रसाद, सुरेश राम, वाल्मीकि, विशु महतो, समीर कुमार सेन, मो मुस्तफा आदि मौजूद थे।

जारंगडीह यूनियन कार्यालय में काला झंडा फहराते प्रतिनिधि।