डीबी स्टार.कतरास
डीबी स्टार.कतरास
भारतीयकिसान संघ चाइल्ड हेल्प लाइन के बैनर तले डीएवी महिला महाविद्यालय प्रांगण में शनिवार को बाल अधिकार पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान स्कूली बच्चों ने अतिथियों के स्वागत में शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। कार्यशाला में मुख्य रूप से उपस्थित झारखंड चाइल्ड राइट कमीशन के संजय मिश्रा ने पोक्सो कानून की जानकारी विस्तृत रूप से दी। धन्यवाद ज्ञापन शंकर रवानी ने किया।
बच्चोंके लिए वर्ष 2012 में बना है विशेष कानून
कार्यशालामें वक्ताओं ने पोक्सो कानून की जानकारी देते हुए कहा कि स्कूली बच्चे को किसी प्रकार की परेशानी हो तो वे इसकी सूचना अपने माता पिता, स्थानीय पुलिस चाइल्ड हेल्प लाइन काे दें। कहा कि बच्चों के लिए वर्ष 2012 में विशेष कानून बनाया गया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों केा साथ किसी तरह का सेक्सुअल बर्ताव इस कानून के दायरे में आता है। इस तरह के मामले की सुनवाई स्पेशल कोर्ट में की जाती है। बच्चों के साथ होने वाले अपराध के लिए उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। बताया गया कि कोई पुलिस कर्मी, टीचर, हॉस्पीटल का स्टाफ या फिर कोई ऐसा व्यक्ति, जिसकी देखरेख में बच्चा हो, अगर वह बच्चे के साथ प्रवेशन लैंगिक हमला करता है तो उसे दस साल से लेकर आजीवन कारावास की सजा और जुर्माना हो सकता है। बताया गया कि यदि कोई व्यक्ति बच्चों का इस्तेमाल अश्लील साहित्य प्रयोजनों जैसे तैयार, प्रसारित वितरण इत्यादी के लिए करता है तो यह भी गंभीर अपराध है। कार्यशाला को एसजेपीयू के सदस्य प्रदीप पांडेय, अधिवक्ता समाजसेवी विजय कुमार झा, चाइल्ड लाइन के कॉ-आॅर्डिनेटर मुनमुन पांडेय, बैंच दंडाधिकारी शंकर रवानी, उत्तम मुखर्जी आदि ने संबोधित किया।
डीएवी महिला कॉलेज में बाल अधिकार पर कार्यशाला आयोजित
लोगों को दी गई पोक्सो कानून की जानकारी
चाइल्ड लाइन के कार्यशाला में शामिल छात्राएं।