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जिले की विकास गाथा में रेल की भूमिका अहम
जिले की विकास गाथा में रेल और इससे जुड़ी परियोजनाओं की भूमिका अहम है। ग्रैंड कार्ड लाइन पर अवस्थित कोडरमा स्टेशन अपने निर्माण काल से ही महत्वपूर्ण रहा है। राज्य के खनिज संपदा को बंगाल के बंदरगाह तक पहुंचाने और अभ्रक, कोयला सहित अन्य कच्चे माल देश की राजधानी नई दिल्ली तक पहुंचाने का यह स्टेशन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता रहा है। कच्चे मालों की आवाजाही से यहां के व्यवसाय को लाभ मिला है। कोडरमा स्टेशन पर महत्वपूर्ण ट्रेनों के ठहराव से कोडरमा सहित राज्य के कई जिले, बिहार राज्य के नवादा अन्य जगहों के हजारों यात्री यहां पहुंचते हैं। लिहाजा यह स्टेशन धनबाद रेलमंडल अंतर्गत दूसरा सबसे अधिक राजस्व देने वाला बन गया है। बाहर से आने वाले हजारों यात्रियों के आवागमन से यहां के बाजार गुलजार हो रहे हैं। इसकी महत्ता को देखते हुए रेल प्रशासन कोडरमा को मॉडल स्टेशन के रूप में विकसित कर रहा है। इसे आधुनिकतम कोंकण स्टेशन की तर्ज पर बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं यह स्टेशन अब जंक्शन बनने की ओर अग्रसर है। यहां से तीन रेल परियोजनाओं पर कार्य चल रहा है। कोडरमा से गिरिडीह तक रेल लाइन बिछाने का काम जोरों पर है। इस परियोजना के अंतर्गत नावाडीह तक एक पैसेंजर ट्रेन भी शुरू किया गया है। दूसरी कोडरमा वाया हजारीबाग-रांची परियोजना पर भी निर्माण जारी है। इस परिेयोजना के अंतर्गत हजारीबाग तक रेल परिचालन के लिए ट्रायल इंजन भी दौड़ाया गया है। माना जा रहा कि कोडरमा से हजारीबाग तक इसी वर्ष ट्रेन दौड़ने लगेगी। इसके अलावा रेल यात्रियों की सुविधा में विस्तार भी होगी। तीसरी कोडरमा-तिलैया(नवादा) रेल परियोजना पर भी तेजी से कार्य हो रहा है। इससे बिहार और झारखंड की दूरी कम होगी। व्यापार और औद्योगिक विकास भी तेजी से होगा।
फोटो 13कोडपी 9 में कोडरमा स्टेशन का नवनिर्मित ओवरब्रिज पी 10 में स्टेशन का बहुमंजिला भवन