पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • आईएपी सहित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संचालन से विकास को मिली गति

आईएपी सहित केंद्र प्रायोजित योजनाओं के संचालन से विकास को मिली गति

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
पंचायती राज से आया आमूलचूल बदलाव

जिलाप्रशासन पंचायत प्रतिनिधियों के प्रयास ने विगत चार सालों के दौरान जिले में विकास के कई नये आयाम जुड़े है। साथ ही इन सालों में जिला काफी हद तक विकास के पथ पर आगे बढ़ा है। इन चार सालों का सबसे शानदार आगाज जिले में पंचायती राज व्यवस्था का सही रूप से स्थापित होना रहा है। इस व्यवस्था के सफलीभूत होने के कारण ग्रामीण स्तर पर अब वहां के लोग अपनी आवश्यकता अनुसार जरूरी सुविधाओं की योजना खुद बनाने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा सहित बीआरजीएफ और 13वें वित्त आयोग की ओर से आवंटित राशि से योजनाओं का चयन ग्रामीण अपने गांव में सभा कर खुद कर रहे हैं। इससे उन्हें पर्याप्त मात्रा में रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। इस व्यवस्था के मूर्त रूप लेने से अबतक जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई प्रकार की आधारभूत संरचनाओं का निर्माण हुआ है। ग्रामीणों का आत्मविश्वास भी बढ़ा है।

पंचायतोंको हाई टेक बनाने की पहल

पंचायतीराज व्यवस्था के तहत विगत चार सालों के दौरान जिले के सभी 109 पंचायतों को हाईटेक बनाने की भरपूर कोशिश की गई है। इसके तहत जिले के सभी पंचायत सचिवालयों को सूचना तकनीक से लैस करने का कार्य किया गया है। पंचायतों के हाईटेक बनाए जाने के कारण वहां लोगों को अब किसी भी प्रकार के सरकारी कार्योंं की जानकारी उन्हें घर बैठे प्राप्त होने लगी है। वहीं उन्हें प्रखंड जिला मुख्यालय का चक्कर लगाने से भी छुटकारा मिल गया है। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से ग्रामीण स्तर पर प्रज्ञा केंद्रों के सही तरीके से संचालन पर दी गई जोर के कारण ग्रामीणों को आवासीय जाति के अलावा अन्य प्रकार के प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्यो के लिए प्रखंड मुख्यालय का चक्कर लगाने से छुटकारा प्राप्त हुई है।

^निश्चित तौर पर पंचायती राज व्यवस्था के तहत ग्राम स्तर पर लोगों में जागरूकता आई है। हालांकि सरकार की ओर से पंचायती राज को दिए गए अधिकार काफी सीमित है। बावजूद इसके गांव की सरकार अच्छी कार्य कर रही है। पंचायती राज काे और अधिक सशक्त बनाने के लिए इसे और अधिकार दिया जाना चाहिए।\\\'\\\' महेशराय, जिलापरिषद अध्यक्ष।

^पंचायती राज व्यवस्था के तहत योजना के चयन, क्रियान्वयन, मूल्यांकन की जिम्मेवारी ग्राम स्तर पर दी गई है। वहीं ग्राम सभा में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से वे भी जागरूक हुए हैं। किसी योजना क