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निरीक्षण में मिली कई खामियां, सायरन खराब
मुलाकातियों पर नजर रखने के अलावा सुरक्षा की दृष्टिकोण से नहीं की गई है मुकम्मल व्यवस्था
भास्कर न्यूज . कोडरमा
चाईबासा जेल ब्रेक की घटना के बाद भी कोडरमा मंडल कारा प्रशासन सचेत नहीं है। घटना पर रोक लगाने को लेकर खामियों को ठीक करने का प्रयास भी अबतक नहीं किया गया है। शनिवार को जिले के एएसपी नौशाद आलम ने जेल की सुरक्षा का जायजा लिया, इसमें कई खामियां नजर आई। एएसपी आलम वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर जेल का मुआयना करने लिए गए थे। उनके साथ कोडरमा थाना प्रभारी शिवनाथ प्रसाद भी साथ थे।
सबसे पहले एएसपी ने जेल अधीक्षक किशोर लकड़ा जेलर मुस्तकीम अंसारी के साथ बैठक कर जेल ड्यूटी पर तैनात जवानों के अलावा कोर्ट में कैदियों को पेशी के दौरान ले जाने ले आने की व्यवस्था के अलावा वहां सुरक्षा के किए गए अन्य इंतजाम की विस्तार से जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने पूरे जेल के बाहरी परिसर का मुआयना कर सुरक्षा की दृष्टिकोण से वहां की गई व्यवस्था का जायजा लिया। मौके पर प्रकार की खामियां देखने को मिली। जिसे उन्होंने दूर करने का निर्देश दिया। समीक्षा के दौरान जेल की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन की ओर से झूठी दलीलें दिए जाने की बात भी सामने आई
कईमाह से खराब पड़ा है जेल का सायरन
जेलमें सुरक्षा व्यवस्था के प्रति बरती जा रही लापरवाही का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वहां लगे सायरन कई माह से खराब पड़े हैं। निरीक्षण के दौरान जब एएसपी ने वहां लगे सायरन को चालू करने को कहा तो लाईन देने के बाद उससे आवाज निकलने के बजाए धुंआ निकलने लगा। एएसपी ने जब जेल में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे का जायजा लिया तो वहां लगे 15 कैमरे में मात्र नौ ही चालू स्थिति में मिले। इसके अलावा जेल में बंद कैदियों से मिलने आने वाले मुलाकातियों की पहचान को लेकर जेल प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम नहीं करने की बात भी सामने आई।
जैमर भी काफी दिनों से खराब होने की जानकारी मिली। जेल में सुरक्षा जवान की कम होने की बात भी सामने आई। जेल प्रशासन की ओर से एएसपी को बताया गया कि जेल की बाहरी सुरक्षा में आठ जवान लगे है। जबकि अंदर में 15 रिटायर्ड आर्मी के जवान के अलावा 14 होमगार्ड के जवान से काम लिया जा रहा है। साफ-सफाई की व्यवस्था भी सही नहीं पाई गई।
डीसीएसपी को करेंगे रिपोर्ट: एएसपी
निरीक्षणके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान एएसप