एसपी के निर्देश पर बनी थी टीम
गिरोह में पांच अन्य अपराधी भी हैं शामिल
जेल में बना था रंगदारी मांगने का प्लान : एएसपी
मंडल कारा में बंद अपराधी कर रहे हैं मोबाइल का इस्तेमाल
एएसपी आलम के अनुसार गिरोह में पांच अन्य अपराधी शामिल हैं, जो बिहार के रजौली नवादा के अलावा हजारीबाग के रहने वाले है। पुलिस की ओर पकड़ें गए अपराधियों के पास से मोटरसाईिकल सहित पांच मोबाईल भी बरामद किया है। इसमें एक मोबाईल से संवेदक से बात किए जाने की पुष्टि हुई है।
जानकारी देते एएसपी और गिरफ्तार आरोपी।
भास्कर न्यूज | कोडरमा
पुलनिर्माण का कार्य करा रहे संवेदक से रंगदारी मांगने की योजना कोडरमा मंडल कारा में रची गई थी। इस बात की जानकारी एएसपी नाैशाद आलम ने रविवार को आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान दी। उल्लेखनीय रहे की रंगदारी मांगने के मामले में पुलिस ने जेल बंद गोगा राम गिरोह के तीन अपराधियों को गिरफ्तार करते हुए रंगदारी मांगे जाने के मामले का खुलासा किया है।
मौके पर एएसपी नौशाद आलम ने बताया कि पकड़े गए अपाराधी में रूपेश राजवंशी अभी हाल में ही जेल से रिहा हुआ है। वही द्वारिका साव नामक दुसरा अपराधी को निमार्ण स्थल से छड़ सहित अन्य सामानों की गई चोरी के मामले में पुलिस की ओर से जेल भेंजा गया था। जों लगभग तीन माह जेल में रहने के बाद वहां से बाहर आया था। हालांकि इस मामले में उसकी हुई िगरफ्तारी के दौरान उसके द्वारा छड़ को बेचे जाने वाले जगह के अलावा इसमें शामिल लोगो की नाम बताई गई थी। मगर पुलिस तो छड़ बरामद कर सकी, ही इसमें शामिल अन्य अपराधियों को ही पकड़ सकी।
एएसपी आलम ने बताया कि द्वारिका साव नामक अपराधी के द्वारा ही जेल में पहले से बंद अपराधी गोगा राम को पुल निर्माण का कार्य करा रहे संवेदक के संबंध में जानकारी देते हुए रंगदारी मांगे जाने की बात कही थी। इसके बाद गोगा द्वारा अपने गरोह के सदस्य रूपेश राजवंशी को रंगदारी मांगने को लेकर निर्माण स्थल पर जाने को कहा गया था। रूपेश राजवंशी द्वारा गत छह सितंबर को छह अपराधियों के साथ निर्माण स्थल पर जाकर संवदेक के मंुशी से छह लाख की रंगदारी मांगी गई थी। उसने बताया कि रंगदारी मांगने को लेकर साईड पर गए अपाराधियों द्वारा रजौली के मुखिया का बोलेरो वाहन इस्तेमाल की गई थी। जिसकी पुलिस पहचान करने में जुटी है।
फोटो21कोडपी 6 मंे प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते एएसपी पकडे़ गए अपराधी
ए