पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • लेबर बजट को और अपडेट करने के तरीके बताए गए

लेबर बजट को और अपडेट करने के तरीके बताए गए

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार एक्ट के तहत सघन सहभागी नियोजन अभ्यास कार्यक्रम को लेकर प्रमंडल स्तरीय चार दिवसीय आवासीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। १५ से १८ सितंबर तक चलने वाले इस कार्यक्रम में हजारीबाग जिला के अतिरिक्त चतरा बोकारो, कोडरमा तथा रामगढ़ जिला के मनरेगा अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया। जिला परिषद कार्यालय में आयोजित इस कार्याशाला में लेबर बजट को और अधिक अपडेट किए जाने के तरकीब बताए गए। साथ ही बजट को सरल सुचारु रुप से किस प्रकार बनाए जाएं इसको लेकर सभी मनरेगा पदाधिकारियों को प्रशिक्षण दिया गया।

इसके अतिरिक्त सहभागी प्रक्रिया के तहत योजनाओं का चयन, मनरेगा के द्वारा संपादित एवं कार्यान्वित योजनाओं का निरीक्षण एवं उसकी उपयोगिता अत्यधिक ढंग से नियोजित हो इसकी जानकारी दी गर्ई। स्टेट रिसोर्स टीम के सदस्य सह पीआरडीएफ करिमुद्दिन मलिक तथा तबिश अजीम ने प्रशिक्षण देते हुए मनरेगा अधिकारियों को बताया कि मनरेगा मूलत: : एक मांग आधारित कार्यक्रम है। लेकिन जागरूकता के अभाव में इसकी मूल आत्मा परिवर्तित हो गई है। उन्होंने लोगों के बीच ज्यादा से ज्यादा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किए जाने की बात कही ताकि ज्यादा से ज्यादा ग्रामीणों को इसके प्रति प्रेरित किए जा सकें। सघन सहभागी नियोजन अभ्यास के तहत प्रशिक्षकों ने मनरेगा लेबर बजट को अर्थपूर्ण और कार्यक्रम मनरेगा एक्ट को मांग आधारित बनाने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स टीम एवं बीआरटी तैयार करने के उपरांत चयनित पंचायतों एवं प्रखंडों में सघन सहभागी अभ्यास कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सभी पंचायतों में ग्राम सभा आयोजित कर ग्रामीणों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। उक्त प्रशिक्षकों ने कहा कि सघन सहभागी नियोजन अभ्यास कार्यक्रम के तहत देश की २५०० प्रखंडों तथा झारखंड के १७५ प्रखंडों को जोड़ा जाएगा। योजना आयोग ने इन प्रखंडों को अति पिछड़ा होने के कारण इस प्रकार के कार्यक्रम को प्राथमिकता दी है। कार्यशाला में मनरेगा की परियोजना पदाधिकारी अनुजा राणा सहित उक्त सभी जिलों के मनरेगा पदाधिकारी उपस्थित थे।