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डंडाडीह में बाल तस्करी के सात मामले सामने आए : सीडब्ल्यूसी
एसपी को जानकारी देते समिति के पदाधिकारी और वापस लौटे बच्चे अपने परिजन के साथ।
भास्कर न्यूज | कोडरमा
चाइल्डवेलफेयर कमेटी कोडरमा ने जयनगर प्रखंड में मानव तस्करी से जुड़ी जांच रिपोर्ट उपायुक्त सहित पुलिस अधीक्षक को सौंप दी है। समिति ने इस मामले के आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी कर पूरे मामले का पर्दाफाश करने, शेष बच्चों की तलाश तेज करने और प्रभावित विवादों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ देने की अनुशंसा की है। कमेटी के अध्यक्ष ममता सिंह, सदस्य राजकुमार सिन्हा, मनोज कुमार दांगी और सत्येंद्र नारायण सिंह ने संयुक्त जांच प्रतिवेदन में कहा है कि प्रखंड के डंडाडीह पंचायत में बाल तस्करी के मामले सामने आए है। गांव के ही एक व्यक्ति निरंजन साव और उनके सहयोगियों द्वारा बहला-फुसलाकर प्रलोभन देकर बच्चों को चेन्नई और अन्य जगहों पर ले जाते है।
जनवरी से अगस्त 2014 तक गांव के कुल सात बच्चे बिना माता-पिता के अचानक गुम हो गए। इसमें तीन बच्चे जयनाथ चौधरी (14), सूरज यादव(13) आैर दीपक पासवान(15) अब तक वापस नहीं लौटे है, जबकि दो बच्चे अरविंद पंडित और संदीप राणा चेन्नई से एक अन्य गांव के युवक की मदद से 16-17 दिनों बाद घर लौटे है, जबकि अनिल सिंह(12) और टेटा सिंह उर्फ पवन सिंह(12), कोलकाता से अपने परिजनों के साथ गांव आए है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में यह भी कहा है कि थाना को सूचना देने के 20 दिनों के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई। इससे आरोपी को भाग निकलने का मौका मिला है। यहां तक की वापस लौटे बच्चों को कमेटी के समक्ष प्रस्तुत भी नहीं किया गया है, जो नियमत: गलत है। जांच के क्रम में समिति की टीम के साथ डंडाडीह के मुखिया महेश साव, उप मुखिया उमाशंकर पासवान, पंसस सहदेव प्रसाद जायसवाल, वार्ड सदस्य उर्मिला देवी के अलावा बच्चों के अभिभावक दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
क्याकहते हैं पदाधिकारी : पुलिसअधीक्षक संगीता कुमारी ने मामले को गंभीर बताते हुए इस पर त्वरित कार्रवाई करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि बच्चों को सुरक्षित वापस लाने के लिए पुलिस प्रशासन गंभीर है।