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विरोध के बावजूद डीवीसी का टावर निर्माण कार्य शुरू

6 वर्ष पहले
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झुमरीतिलैयाथानांतर्गत मौजा विशुनपुर में डीवीसी के ट्रांसमिशन लाइन के लिए टावर निर्माण का कार्य रैयतों के विरोध के बावजूद प्रशासन के संरक्षण में मंगलवार से शुरू हुआ। जमीन पर दखल-कब्जा होने की बात कह निर्माण कार्य का विरोध कर रहे लोगों को पुलिस जबरन वाहन में बैठा कर थाने ले आई। निर्माण स्थल पर दंडाधिकारी के रूप में रेणु बाला के अलावा अंचल के सीओ अतुल कुमार बीडीओ प्रभाष दत्ता झुमरीतिलैया थाना प्रभारी केपी यादव मौजूद थे।

रैयतों के विरोध को देखते हुए भारी संख्या में पुरुष महिला पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बाद में एसडीओ लेयाकत अली एएसपी नौशाद आलम भी वहां पहुंचे। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए डीवीसी के कार्यपालक अभियंता अशोक कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी पूरी तैयारी के साथ जेसीबी अन्य उपकरणों के साथ वहां पहुंचे थे। विरोध कर रहे लोगों में रवींद्र कुमार वर्णवाल, मनोज कुमार मोदी, पंकज मोदी, प्रमोद कुमार मोदी, धीरज कुमार मोदी, सुखदेव वर्णवाल, दिवाकर मोदी सहित अन्य का कहना है कि उनके द्वारा विशुनपुर मौजा के खाता नंबर एक पर स्थित 8.75 एकड़ जमीन पर 1923 से बंदोबस्ती के आधार पर दखल कब्जा है। बावजूद इसके प्रशासन की ओर से मुआवजा देने की बात कह जबरन कार्य शुरू करा दिया गया है। इसका हम पूर्व से विरोध कर रहे हैं। इसके पहले दो बार डीवीसी द्वारा टावर निर्माण का कार्य शुरू किया गया था। मगर रैयतों के विरोध के कारण काम नहीं हो सका। टॉवर निर्माण का विरोध करने वालो में वहां के 39 लोग शामिल है।

इस मामले में उपायुक्त कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान रैयतों को 57 हजार रुपए प्रति रैयत मुआवजा देने का आदेश पारित किया गया था। जिसे लेने से रैयतों ने इंकार कर दिया था। उनका कहना था कि उनकी जमीन के बीच में टॉवर का निर्माण किए जाने से जमीन उसकी उपयोगिता समाप्त हो जाएगी।

रैयतों ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है जिसकी सुनवाई चल रही है। इधर प्रशासन का कहना है कि जमीन पर चल रही विवाद का निपटारा कर दिया गया है। जिसके आधार पर डीवीसी को कार्य शुरू करने का आदेश दिया गया है। साथ ही रैयतों को जमीन के बदले करीब 57 हजार रुपए क्षतिपूर्ति की राशि देने का आदेश पारित किया गया है। निर्माण कार्य शुरू करने के दौरान कई बार पुलिस रैयतों के बीच तनाव की स्थिति बन गई थी। लेकिन बाद में अंचलाधिकारी थाना प्रभारी ने सूझबूझ से काम लेते हुए टकराव को रोका।