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नियोजन की मांग को लेकर आउटसाेर्सिंग का चक्का जाम

7 वर्ष पहले
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परियोजनासे प्रभावित लोगों को नियोजन देने की मांग को लेकर सोमवार को भ्रष्टाचार विरोधी जनवादी मंच ने बांसजोड़ा में संचालित सकारमास आउटसोर्सिंग कंपनी का चक्का जाम कर दिया। चक्का जाम के दौरान मंच के बैनर तले कनकनी बस्ती सेेंद्रा के रैयतदारों ने जमकर प्रबंधन विरोधी नारे लगाए। मंच के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव सुरेश ठाकुर के नेतृत्व में करीब दो घंटे प्रदर्शन के बाद 12 अक्टूबर को वार्ता कर समस्याओं का हल करने का आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया। प्रदर्शन में नंदलाल महतो, राजू महतो, कमलू महतो, रवि चौहान, राकेश चौहान, जयनारायण चौहान, सुदामा चौहान, र|ेश चौधरी, गाेलू सिंह, विनय कुमार पासवान, राजनारायण सिंह, सनोज कुमार, मनोज चौहान समेत काफी संख्या में लोग शामिल थे।

लोयाबाद में आउटसाेर्सिंग कंपनी के कार्यस्थल पर आंदोलन करते लोग।

माइंस एक्ट का उल्लंघन करने का आरोप

अपनेसंबाेधन में मंच के महासचिव सुरेश ठाकुर ने कहा कि सिजुआ क्षेत्र के तत्कालीन महाप्रबंधक बीसी माजि ने लिखित आश्वासन देते हुए कहा था कि एक आउटसोर्सिंग कंपनी में अधिक लोगों को नियोजन नहीं दिया जा सकता। सिजुआ क्षेत्र में इसके बाद कहीं भी आउटसोर्सिंग कंपनी काम शुरू करती है तो इस समझौता के तहत यहां के लोगों को नियोजन में प्राथिमकता दी जाएगी। उन्हाेंने कहा कि बीसीसीएल एवं आउटसोर्सिंग कंपनी एक्ट मानती है फैक्ट। जज का जजमेंट भी नहीं मानती है। उन्होंने कहा कि परियोजना चलाने में खुले आम माइंस एक्ट का उल्लंघन होता है। डीजीएमएस के अधिकारी अपनी जेब गर्म करके आंख मूंदे रहते हैं। इसका खामियाजा मजदूर एवं आसपास के लोगों को भुगतना पड़ता है। उन्होंने कहा कि माइंस चलाने के लिए नियम विरुद्ध विस्फोट करना, प्रदूषण फैलाना तथा रैयतदारों की जमीन पर जबरन उत्खनन करना इन लोगों का पेशा बन गया है।