क्यों नहीं हुई एफआईआर : डीसी
मांडूचट्टी पंचायत के तहत ग्राम गरगाली में मनरेगा योजना द्वारा संचालित एक कूप निर्माण में जेसीबी मशीन द्वारा काम कराए जाने के मामले को उपायुक्त अबु इमरान ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में उपायुक्त ने मांडू बीडीओ जयकुमार राम को पत्र प्रेषित किया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि दिनांक 15 जनवरी के दिन ग्रामीण विकास मंत्रालय भारत सरकार के एनएलएम टीम द्वारा क्षेत्र भ्रमण किया गया था। जिसमें ग्राम गरगाली के समुंदर गंझू के जमीन पर निर्माणाधीन कूप निर्माण में 12 फीट कूप जेसीबी मशीन द्वारा कार्य कराने का प्रमाण मिला है। जो मनरेगा एक्ट के विरुद्ध है। उपायुक्त ने कहा है कि मामले को गंभीरता से लेेते हुए शीघ्र लाभुक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना चाहिए था। वहीं संबंधित ग्राम राेजगार सेवक, प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी के अलावा पंचायत सेवक के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने के लिए प्रतिवेदन भेजना चाहिए था।
परंतु आपके द्वारा अभी तक ना तो एफआईआर दर्ज किया गया है और ना ही मनरेगा का क्रियान्वयन करने वाली किसी भी कर्मी या पदाधिकारी के खिलाफ प्रतिवेदन ही भेजा गया है। उपायुक्त ने बीडीओ से कहा है कि ऐसी स्थिति में मनरेगा कार्य के प्रति आपकी अक्षमता और मिलीभगत को दर्शाता है। इसके लिए उन्होंने बीडीओ को कहा है कि आप स्पष्ट करें कि क्यों नहीं मनरेगा में सही ढंग से कार्य कराने और मनरेगा मजदूरों के स्थान पर मशीन लगाकर कार्य कराने के लिए आपके विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाय।
जेसीबी मशीन से किया गया काम।