- Hindi News
- पचमो पंचायत को रामगढ़ में शामिल कराने की कवायद शुरू
पचमो पंचायत को रामगढ़ में शामिल कराने की कवायद शुरू
पूर्व में भी उठ चुका है यह मामला
दोवर्ष पहले झारखंड सरकार में मंत्री रहे चंद्रप्रकाश चौधरी ने पचमो पंचायत को मांडू में शामिल करने का प्रस्ताव पास कराया था। लेकिन राजनीतिक उठा पटक के कारण दो दिन बाद ही सरकार अल्पमत में गई। जिसके कारण यह प्रस्ताव ठंडा बस्ते में चला गया। ग्रामीण एक बार फिर पंचायत को मांडू में शामिल कराने के प्रयास में जुट गए हैं।
> ग्रामीणों ने आंदोलन को खड़ा करने के लिए की बैठक
> रामगढ़ के मांडू प्रखंड की दूरी होगी मात्र 20 किमी
भास्करन्यूज | घाटोटांड़
गोमियाप्रखंड के पचमो पंचायत को अब रामगढ़ जिला में शामिल कराने को लेकर ग्रामीणों ने कवायद शुरू कर दी है। पचमो के ग्रामीणों ने सोमवार को उत्क्रमित मध्य विद्यालय परिसर में एक बैठक की। इसमें ग्रामीणों के साथ साथ विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। जिसमें पचमो पंचायत को रामगढ़ के मांडू प्रखंड में शामिल कराने पर विस्तृत चर्चा की गई। इसमें मुखिया तेजनारायण महतो ने कहा कि पचमो रामगढ़ जिला का सीमावर्ती इलाका में बसा हुआ है। पचमो पंचायत गोमिया प्रखंड में पड़ता है। प्रखंड मुख्यालय के लिए यहां के लोगों को 40 किमी की दूरी तय करनी पड़ती है। जबकि यहां से रामगढ़ का मांडू प्रखंड की दूरी 20 किमी है। इस पंचायत के लोगों को हर मूलभूत सुविधा रामगढ़ जिले से ही मिल पाता है। ऐसे में पचमो पंचायत को रामगढ़ में शामिल कराने से ग्रामीणों को फायदा होगा। इसलिए पचमो पंचायत के ग्रामीण पंचायत को गोमिया से अलग कराने की मांग पर आंदोलन करने की जरूरत है। इस दौरान आंदोलन के लिए रणनीति बनाकर बड़े पैमाने पर आंदोलन करने का फैसला लिया गया है। मौके पर सीपीआई नेता गुरुचरण महतो, पंचायत समिति सदस्य कंचन महतो, रामविलास प्रसाद, भीखा महतो, किशुन महतो, प्रवीण महतो, नागेश्वर प्रसाद, लाल बिहारी महतो, श्याम सिंह, विजय महतो समेत अन्य मौजूद थे।