संदेह का लाभ मिलने से युवक बरी
चाईबासा. प्रथमएडीजे विजय शंकर शुक्ला के न्यायालय ने एक मामले की सुनवाई करते हुए संदेह का लाभ देते हुए रोहित कुमार गोप को बरी कर दिया है। इस संबंध में कोकचो ओपी अंतर्गत दारा गांव निवासी एक पीड़िता ने 2 मई 2012 को मंझारी थाना में एसटी एससी एक्ट के तहत शादी का प्रलोभन देकर गर्भवती करने का मामला तांतनगर बाटुडी निवासी रोहित कुमार गोप के विरूद्ध दर्ज, कराया था। इसमें युवती ने कहा था कि 2011 में एसएसआई हाई स्कूल चिट्टी मिट्टी में पढ़ाई के लिए आने-जाने के दौरान रोहित से बातचीत होती थी। इसके बाद एक दूसरे के बीच प्यार हुआ और शारीरिक संबंध बना। फिर गर्भवती हुई, तो धोखे से दवा खिलाकर गर्भपात करा दिया गया। इसके बाद रोहित के साथ चली गई, जहां पंचायती की गई। इसमें लड़की को अपनाने से लड़का ने इंकार किया था।