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पेंडिंग रिजल्ट ने बढ़ाई एनपी विवि की परेशानी
मेदिनीनगर | नीलांबर-पीतांबरविश्वविद्यालय का परीक्षा विभाग रुके हुए रिजल्ट को लेकर परेशान है। यह परेशानी इसलिए भी है क्योंकि 15 दिसंबर से होने वाली यूजी पार्ट टू की परीक्षा भी प्रभावित हो जाएगी। जबकि सभी कालेजों में परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड तक भेजे जा चुके हैं। पहले से सेशन (2012-15) लेट होने के कारण सत्र करीब एक साल पीछे चल रहा है। जानकारी के अनुसार परीक्षा में बिना एडमिट कार्ड के स्टूडेंट्स को परीक्षा में बैठा दिया गया था। ऐसे में उत्तर पुस्तिकाओं पर तो रोल नंबर लिखा गया और ही रजिस्ट्रेशन नंबर ही स्टूडेंट्स लिख सके। ऐसे में अब कॉपी जांचना परेशानी का सबब बन गया है। सवाल यह भी खड़े हो रहे हैं कि आखिर अब किस आधार पर पुस्तिका खोजी जाए और उनकी मार्किंग हो।
पांचसौ स्टूडेंट्स के चुके हैं आवेदन : स्टाफकी कमी और वर्क लोड को लेकर परेशान एनपी विवि परीक्षा विभाग के पदाधिकारी इसलिए भी परेशान हैं क्योंकि रिजल्ट उन्हीं छात्रों का पेंडिंग है जो यूजी पार्ट टू परीक्षा देने वाले हैं। ऐसे करीब 500 स्टूडेंट्स के आवेदन चुके हैं। हालांकि इसमें आधे मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। उधर, मामले को लेकर परीक्षा विभाग मंगलवार को परीक्षा नियंत्रक की मौजूदगी में बनी कमेटी की अंतिम बैठक करने का निर्णय ले चुका है।
पार्टटू की परीक्षा करना प्राथमिकता : एनपीविवि के परीक्षा नियंत्रक आरपी सिंह ने कहा कि पेंडिंग रिजल्ट मामले में जो परेशानी हो रही है, उसके लिए संबंधित कॉलेज के प्राचार्यों को अपने स्तर पर जांच कर रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। पेंडिंग रिजल्ट के सबसे ज्यादा मामले एके सिंह डिग्री कॉलेज जपला से आए हैं। इसके अलावा बीएसएल भवनाथपुर, बनवारीलाल साहू लातेहार एसपीडी कॉलेज गढ़वा से भी कुछ शिकायतें आई हैं। हालांकि अभी परीक्षा विभाग के लिए पहली प्राथमिकता यूजी पार्ट टू की परीक्षा को तय समय पर कराना है। उधर, एनपी विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. अमर सिंह ने कहा कि पेंडिंग रिजल्ट के कुछ मामले हैं।
उन्हें परीक्षा से पहले सुलझा लिया जाएगा।