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जनवरी में सरेंडर हो जाएंगे एनपी विवि के करोड़ों रुपए
श्याम किशोर पाठक | मेदिनीनगर
नीलांबर-पीतांबरविश्वविद्यालय के समक्ष सरकार से मिले 26 करोड़ रुपए के सरेंडर कर जाने की स्थिति उत्पन्न हो गयी है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि विवि प्रशासन ने विभिन्न मदों के लिए प्राप्त इस राशि को समय पर खर्च कर पाने में अक्षम रहा है। जानकारी के अनुसार शिक्षा सचिव ने विवि को इसे लेकर अल्टीमेटम भी दिया है।
विवि प्रशासन को यह कहा गया है कि यदि वह इस संबंध में अपनी स्थिति को स्पष्ट नहीं करता या कार्यों के विरुद्ध उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित नहीं करता तो जनवरी में राशि को वापस ले लिया जाएगा। यह भी कहा गया कि जब तक दी गयी राशि खर्च नहीं हो जाती विवि को कोई अतिरिक्त राशि नहीं दी जाएगी।
सरकारसे मिले हैं 26 करोड़ रुपए
एनपीविवि को उसके प्रशासनिक भवन और दूरस्थ शिक्षा सहित सभी चारों अंगीभूत कॉलेज मेें क्लास रूम मॉडल कॉलेज का भवन बनाने के लिए सराकर ने करीब 26 करोड़ की राशि प्रदान की है।
इसमें 20 करोड़ एनपी विवि के प्रशासनिक भवन के लिए 5 करेाड़ लातेहार में मॉडल कॉलेज बनाने के लिए शामिल है। 3.78 करेाड़ जेएस कॉलेज में प्रशासनिक भवन क्लास रूम बनने के लिए दिए गए हैं। इसी तरह जीएलए योध सिंह नामधारी महिला एसएसजेएसएन गढ़वा कॉलेज में क्लास रूम बनोन के लिए क्रमश: 1.14 करेाड़ और 86-86 लाख रुपए उपलब्ध कराए गए हैं। दूरस्थ शिक्षा केंद्र खोलने के लिए भी विवि को 25 लाख रुपए दिए गए हैं।
विश्व विद्यालय।
राशि बचाने का प्रयास : रजिस्ट्रार
एनपी विवि के रजिस्ट्रार डॉ. अमर सिंह ने कहा कि जमीन नहीं मिल पाने और चुनावी प्रक्रिया के कारण विवि को मिली राशि खर्च नहीं हो पाई है। लेकिन हमने इस राशि को बचाने का प्रयास किया है। 27 नवंबर को शिक्षा सचिव के साथ सभी विवि की बैठक में हमसे जब पूछा गया तो हमने सरकार को आश्वस्त कराया है कि जल्द ही राशि का सदुपयोग कर लिया जाएगा। हमने इसे कमिटेड एक्सपेंडिचर के रूप में दिखाकर वहां उपलब्ध एक फार्म को भर दिया है। मई-जून तक इस राशि का इस्तेमाल कर लिया जाएगा।
नहीं पूरी हुई भूमि की तलाश
विवि के लिए प्रशासनिक भवन बनने की बात तो दूर अभी तक भूमि की तलाश भी पूरी नहीं हो सकी है। दूसरे कार्यों की बात करें तो जेएस जीएलए कॉलेज में भवन निर्माण को लेकर प्रारंभिक प्रक्रिया भी शुरू नहीं की जा की है। दूरस्थ शिक्षा केंद्र की बात करें तो वि