युवा समझें विवाह का मर्म : मदन मोहन
मेदिनीनगर | सदरप्रखंड के बड़कागांव में नवरात्र प्रवचन में डॉ. मदन मोहन मिश्र ने विवाह के वास्तविक उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वस्तुत: विवाह व्यापार नहीं संस्कार है। उपयुक्त विवाह हमें समाधान की ओर ले जाता है। उन्होंने राम और सीता के विवाह के निहितार्थ को स्पष्ट किया। कहा कि राम का जन्म यज्ञ से हुआ था। अर्थात् ऋषि संस्कृति से हुआ था। वहीं सीता का जन्म हल से अर्थात कृषि संस्कृति से हुआ था। दोनों का विवाह दो संस्कृतियों का मिलन था। इससे राष्ट्र को समाधान मिला। उन्होंने युवा पीढ़ी को विवाह के मर्म को समझने का आहवान किया।