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राम वनवास, सीता हरण, लंका दहन का दृश्य दिखेगा झील में

7 वर्ष पहले
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भगवानश्री राम के वनवास, सीता हरण, रावण वध, अशोक वाटिका, रावण की लंका आदि का वृतांत दर्शन करना हो तो इस बार दुर्गापूजा भ्रमण करने चित्तरंजन के झील पहाड़ी आइए। यहां की पूजा समिति के अध्यक्ष त्रिदिवस और सचिव प्रलय बनर्जी ने बताया कि इस थीम का नाम अकाल बोधन रखा गया है। जिसका अर्थ है अकाल यानी बिना काल के जिस समय, स्थिति आदि का बोध हो। आम तौर पर इस मौसम में किसी के पास गांवों में कोई काम नहीं होता है। सभी अपने अपने तरीके से जीवन निर्वाह करते हैं। ऐसे ही अंशों के साथ इस बार की मंडप सज्जा की जा रही है।

उम्मीद है यहां का मंडप लोगों को काफी आकर्षित करेगा। जैसे राम वनवास, सीता हरण, हनुमान द्वारा लंका दहन, सेतु समुद्रम, रावण की लंका, अशोक वाटिका, राक्षस द्वारा पाल, वनों में मौजूद कुटिया, जटायु, ऋषि मुनियों का आश्रम, पहले से आच्छादित जंगलों आदि में सुंदर झलकियां प्रस्तुत की जा रही है। पूरे वृतांत को पैदल ही दर्शन करना है जिसमें करीब आपको आधा घंटे का वक्त लग सकता है। पूरी तैयारी मेंं करीब साढ़े तीन लाख रुपए खर्च किए जा रहे है। पंचमी को मंडप में देवी का स्थापन तथा मंडप का पट लोगों के दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे। पिछले वर्ष भी यहां 12 महीने के 13 पर्व पर आधारित थीम का चित्रण किया गया था। हालांकि पूजा समिति को किसी संस्था ने सम्मानित नहीं किया था। लेकिन अध्यक्ष का कहना है कि हमारा सम्मान दर्शनार्थी करते है।

अंतिम चरण में प्रतिमा निर्माण का कार्य।ं

टीन के पतर से बने बौद्ध मंदिर में विराजेंगी देवी

मिहिजाम|अब तकलोगों को टीन के चदरा से अपने घरों की छावनी करते देखा होगा आपने। लेकिन मंदिनीपुर के कलाकार और एरिया 6 पूजा समिति की सोच ने इस बार टीन के चदरा से बने एक प्राचीन बौद्ध मंदिर में देवी दुर्गा को आसिन करने की तैयारी समिति कर रही है। जो अपने आप में एक अजूबा से कम नहीं है। दुधिया रोशनी में मंडप किसी संगमरमर जैसे पत्थरों से बनी मंदिर से कम नहीं लगेगी। समिति के संयोजक असित मित्रा ने बताया कि मंडप सजावट में इस बार इस्तेमाल में नहीं लाए जाने वाले सामान का उपयोग किया गया है। सारी बारिक से बारिक नक्काशी टीन के पतरे पर ही उकेरे गए हैं। पूजा पर करीब 3 लाख रुपए खर्च किए जा रहे है। मंडप की उंचाई करीब 40 फीट है। इसके लिए लाखों रुपए के नए टीन के पतरे खरीदे गए है। पश्चिम बंगाल के मेदिनीपु