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प्रेस वार्ता

5 वर्ष पहले
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11 अप्रैल से हड़ताल करेंगे रेलकर्मी

देशव्यापी रेल हड़ताल के समर्थन में 98 प्रतिशत रेलकर्मी कर्मी

चित्तरंजनरेलइंजन कारखाना के करीब 98 प्रतिशत कर्मियों ने देशव्यापी रेल हड़ताल के समर्थन में अपनी रजामंदी स्ट्राइक बैलेट के माध्यम से दे दी है। शनिवार को चिरेका प्रशासनिक भवन की कैंटिन में हुई सर्व यूनियन प्रेस वार्ता में यूनियन नेताओं ने यह जानकारी दी। जिसमें एआईसीसीटीयू से संबद्ध रेलवे इंप्लाॅइज यूनियन के प्रदीप बनर्जी, एनएफआईआर से संबद्ध चित्तरंजन रेलवे मेंस कांग्रेस के एसके लाहा, सीटू से संबद्ध लेबर यूनियन के आरएस चौहान, एआईयूटीयूसी से संबद्ध चिरेका मजदूर यूनियन के अद्र्धेंदु मुखर्जी, एआईआरएफ से संबद्ध आरएमयू के एसएन सिंह, आईआरटीएसए के अशोक चौधरी, सुपरवाईजर एसोसिएशन के इंद्र यादव शामिल थे। एसके लाहा, प्रदीप मुखर्जी ने बताया कि केंद्रीय एआईआरएफ और एनएफआईआर द्वारा गठित नेशल ज्वायंट एक्शन कमेटी के आह्वान पर 22 सूत्री मांगों को लेकर सभी केंद्रीय संस्थानों के कर्मी 11 अप्रैल से देशव्यापी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इसके लिए संस्थानों में कर्मियों के बीच हड़ताल के समर्थन को लेकर मतदान कराया गया। 9 से 11 फरवरी के बीच चिरेका में कराए गए मतदान में 11 हजार श्रमिकों में 8 हजार 500 कर्मियों ने हिस्सा लिया। जिसमें से 98 प्रतिशत कर्मी हड़ताल के पक्ष में रहे जबकि 2 प्रतिशत कर्मी यानी करीब 176 कर्मी इसके विरोध में थे। इस परिणाम से केंद्रीय एक्शन कमेटी को अवगत करा दिया गया है।

क्या हंै मांगें

सातवेंऔर छठे वेतन आयोग के विसंगत प्रस्तावों को रद्द करने, नई पेंशन स्कीम को रद्द करने, विवके देबराॅय समिति की रिर्पोट को रद्द करने, विदेशी निवेश को हटाने, श्रमिक विरोधी नीतियों को रद्द करने, श्रमिकों के साथ न्याय करने, निजीकरण रोकने, आदि मांगे शामिल है।

रेल, सेल और कोल का करेंगे विरोध

नेताओंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था रेल, सेल और कोल पर निर्भर है। और इसेे ही सरकार निजी विदेशी हाथों में देना चाह रही है। रेल मंत्रालय 18 हजार करोड़ के अतिरिक्त बोझ का रोना रो रहा है। और विवेक देबराॅय संदीप त्रिवेदी की कमेटी का गठन कर सार्वजनिक संस्थानों को बेकार करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

जिसके बाद यह निर्णय लिया गया है कि 11 मार्च को चिरेका प्रशासनिक भवन के समक्ष दिन भर धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम चलेगा और हड़ताल पर जाने का नोटिस चिरेका महाप्रबंधक को सौंपा जाएगा। नेताओं ने कहा कि शेष यूनियन और एसोसिएशन भी अप्रत्यक्ष रूप से हड़ताल का नैतिक समर्थन किया है। लेकिन कर्मचारी संघ ने भी इस हड़ताल का नैतिक समर्थन किया है।

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