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बंद की सुगबुगाहट से कंपनी के कर्मी हताशा
> घाटे में चल रही सार्वजनिक उपक्रमों को बंद करने की केंद्र सरकार की योजना
> रूपनारायणपुर स्थित केबल तार बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान केबल्स में 10 वर्षों से बंद है उत्पादन
> विभिन्न मजदूर यूनियनों ने बैठक कर कंपनी प्रबंधन को सौंपा ज्ञापन
भास्करन्यूज | मिहिजाम
केंद्रसरकार के अधीन घाटे में चल रही सार्वजनिक उपक्रमों को बंद किए जाने की सुगबुगाहट ने एक बार फिर रूपनारायणपुर स्थित केबल तार बनाने वाली कंपनी हिंदुस्तान केबल्स लिमिटेड के कर्मियों में जहां हताशा के बादल मंडराने लगे हैं। वहीं कंपनी के रक्षा विभाग द्वारा अधिग्रहित किए जाने की मंशा पर भी सवाल खड़े हो गए है। कंपनी में करीब 10 वर्षों से उत्पादन बंद है। अंततः रक्षा मंत्रालय ने कंपनी को अधिग्रहित करने की मंशा से काम करना शुरू किया था। विभाग द्वारा इसके लिए कई दौर का सर्वे भी किया गया था। अब बस हैंडओवर टेकओवर की प्रक्रिया शेष थी। लेकिन ऐन वक्त पर कंपनी के बंद करने की खबर आने के बाद से सभी कर्मी हताश हैं।
इसे लेकर मजदूर यूनियनों ने प्रबंधन कार्यालय के मुख्य मार्ग पर गेट मीटिंग कर प्रबंधक अधिकारी कुणाल राय को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान इंटक, सीटू, एआईटीयूसी एवं हिंद मजदूर सभा यूनियन शामिल थे। मौके पर इंटक के चरणजीत सिंह ने कहा शनिवार को इलाके के सभी यूनियन का बैठक आयोजित कर आगे की रणनीति तैयार की जाएगी। यूनियन नेताओं ने कहा कि किसी भी हाल में हिन्दुस्तान केबल्स फैक्ट्री बंद नहीं होने दिया जाएगा।
सरकार से वर्षों से कार्य कर रहे मजदूरों के हित में फैसला लेने का आग्रह किया जाएगा। कार्यरत मजदूरों को बैठे बिठाए वेतन तो मिल रहा, परन्तु कार्य नहीं मिल रहा। बता दे की कंपनी की हैदराबाद और नेनी में भी यूनिटें है जो मृतप्राय हो चुकी है। कंपनी घरेलू तथा विदेशी बाजार में प्रतिस्पर्धा के दौर में पिछड़ने के बाद रुग्न होती चली गई।