अध्यादेश के विरोध में दिया धरना
भास्कर न्यूज | जामताड़ा/नाला/कुंडहित/ फतेहपुर
भूमिअधिग्रहण अध्यादेश 2015 के विरोध में जामताड़ा जिला झामुमो द्वारा जामताड़ा सहित जिला के सभी प्रखंड में एक दिवसीय धरना दिया गया। सभी प्रखंड में पार्टी कमेटी द्वारा बीडीओ के माध्यम से एक ज्ञापन राज्यपाल झारखंड को प्रेषित किया गया। जामताड़ा प्रखंड में पार्टी ने जिलाध्यक्ष श्यामलाल हेम्ब्रम की अगुवाई में रैली निकाली और भाजपा की केंद्र झारखंड सरकार के विरोध में नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने प्रखंड परिसर में धरना दिया। मौके पर जिलाध्यक्ष श्यामलाल हेम्ब्रम ने कहा कि भाजपा की केंद्र सरकार द्वारा जारी भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 को अबतक का सबसे भयंकर काला कानून करार दिया। कहा कि सरकार ने संपूर्ण देश को 22 पूंजीपतियों के समूह के हाथ में गिरवी रख दिया है। कहा कि औद्योगिक विकास, खनन, सड़क निर्माण, बिजली घर एवं सुरक्षा के नाम पर रैयती भूमि, खेत खलिहान, जंगल पहाड़, नदी नाला सरकार अब मनमाने तरीके से प्राप्त कर अपने पसंद के समूह को आजीवन के लिए हस्तांतरित कर दिया जाएगा। देश के लोग अपने ही देश में भूमिहीन और बेघर हो जाएंगे। मौके पर पार्टी के केंद्रीय समिति के सदस्य अशोक मंडल ने कहा कि झारखंड में संविधान की 5 वीं अधिसूची के तहत छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम संथाल परगना काश्तकारी अधिनियम, विल्किंसन रूल, पेसा तथा कई पारंपरिक ग्राम समाज शासन व्यवस्था लागू है। जिसके तहत जमीन का अधिग्रहण एक गंभीर चुनौती है। उन्होंने कहा कि झारखंड में अब हमारी जमीन तो रहेगी नहीं और पहचान भी मिटाने की भाजपा सरकार ने कवायद शुरू कर दी है। कहा कि हमारी अपनी पहचान को बताए बिना ही राज्य सरकार सभी प्रकार के सरकारी नौकरी अन्यत्र के लोगों को देने का निर्णय ले चुकी है। मौके पर मिहिजाम नगर अध्यक्ष प्रो कैलाश प्रसाद साव ने कहा कि सरकार छत्तीसगढ, बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा आैर अन्यत्र के लोगों को नौकरी देगी और यहां के लोगों को मजदूर, कुली, मिस्त्री, रिक्शा वाला, ठेला वाला, खोमचा वाला, भिखारी बना देगी। मौके पर पार्टी युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नेता असीत मंडल, साकेश सिंह, शेखर सिंह, आनंद टुडू, चंचल कुमार राय, रीता महतो, सत्यजीत मिश्रा, रवींद्रनाथ दुबे, रामजीत यादव, शुभेंदू मुखर्जी, किंकर राय सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
फतेहपुर प्रखंड में झामुमो का धरना
फतेहपुरप्रखंड में झामुमो द्वारा सोमवार को एकदिवसीय धरना दिया गया। केंद्र राज्य सरकार द्वारा आदिवासी मूलवासी की भूमि को हड़पने के विरोध में यह धरना दिया गया। मौके पर पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार एक साजिश के तहत पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने का कार्य कर रही है। जिसे झामुमो कभी भी सफल नहीं होने देगी। मौके पर प्रखंड अध्यक्ष परेश यादव ने कहा कि आदिवासी मूलवासी के अधिकार को झामुमो खत्म नहीं होने देगी। मौके पर पार्टी नेताओं ने एक ज्ञापन राज्यपाल को बीडीओ के माध्यम से भेजा।
नाला में झामुमो ने सरकारी नीति के
विरोध में दिया धरना
केंन्द्रसरकार द्वारा लाए गए भूमि अधिग्रहण अध्यादेश को वापस लेने, स्थानीयता नीति की घोषणा के बगैर नौकरी प्रक्रिया बंद रखने तथा कई स्थानीय मुद्दे को लेकर सोमवार को झामुमो ने प्रखंड कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना दिया। इस मौके पर कार्यकर्ता एवं समर्थकों ने झंडा, बैनर के साथ सरकार के विरोध में नारेबाजी भी की। कार्यक्रम में पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष उज्ज्वल भट्टाचार्य ने कहा कि स्थानीय नीति का निर्धारण करने से पहले ही विभिन्न विभागों में बहाली के लिए सरकार ने जो कदम बढ़ाया है उससे यहां के धरती पुत्रों को फिर से वंचित होना होगा। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण के नाम पर सरकार राज्य को लूटने की फिराक में है। भाजपा सरकार यहां के मूलवासी एवं आदिवासी को नजरंदाज करते हुए बड़े घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए कोशिश में है। भट्टाचार्य ने कहा कि जब जब राज्य में अस्थिरता का माहौल बना है तब तब झामुमो को ही आगे बढ़कर निदान करना पड़ा है। मौजूदा सरकार की जन विरोधी नीति का झामुमो विरोध करता है तथा इस अध्यादेश को अगर वापस नहीं लिया गया तो चरणबद्ध तरीके से आगे भी आंदोलन जारी रहेगा। इस धरना कार्यक्रम को जयधन हांसदा, सलीम जहांगीर, नारायण मंडल, राजा मुर्मू आदि ने भी संबोधित कर सरकार की मंशा का विरोध किया। कार्यक्रम के तहत पार्टी के एक शिष्टमंडल द्वारा चौदह सूत्री मांग पत्र बीडीओ के माध्यम से राज्यपाल को सौंपा गया। जिसमें अध्यादेश वापस करने, नौकरी से पहले स्थानीयता नीति बनाने, नाला प्रखंड को अनुमंडल का दर्जा देने, 24 घंटा बिजली आपूर्ति करने आदि मुख्य मांगें शामिल हैं।
भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के विरोध में झामुमो का धरना
कुंडहितप्रखंड परिसर में सोमवार को झामुमो द्वारा धरना दिया गया। प्रखंड अध्यक्ष ऑपेश्वर हेम्ब्रम की अध्यखक्षता में आयोजित इस धरना कार्यक्रम में भूमि अधिग्रहण अध्यादेश 2015 का विरोध किया गया। मौके पर पार्टी के जिला उपाध्यक्ष सुजीत सरकार ने कहा कि भाजपा साजिश के तहत झारखंड के लोगों के अस्तित्व को समाप्त करना चाहती है। संथाल परगना छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम के तहत भूमि के हस्तांतरण गैर कानूनी है। लेकिन भाजपा साजिश के तहत पूंजपतियों को खुश करने के लिए अध्यादेश को पारित किया।
नाला प्रखंड में धरना पर बैठे झामुमो नेता।
जामताड़ा प्रखंड में धरना पर बैठे झामुमो नेता।