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चुनाव के समय ही राजनीतिक दलों को याद आती है जनता की समस्या
चुनावआने के साथ ही सभी राजनीतिक पार्टियों का गांव-गांव दौरा और जनसंपर्क अभियान प्रारंभ हो जाता है। लेकिन पांच साल के दरम्यान में वे तो जनता की समस्या का निदान करने का बीड़ा उठाते हैं और ही उन्हें याद रखते हैं। उक्त बातें झाविमो केंद्रीय कमेटी के सदस्य तापस भट्टाचार्य ने क्षेत्र भ्रमण के क्रम में कही। प्रखंड अंतर्गत मोहनपुर, फुटबेड़िया, मथुरा, मुर्गाबनी, सागजुड़िया आदि गांवों का दौरा कर नाला मुख्यालय लौटने पर उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग अब भी सड़क, बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य आदि मूलभूत समस्या से त्रस्त हैं। समस्याओं को सुलझाने के बदले जनप्रतिनिधि राजनीतिक रोटी सेंकने में व्यस्त हैं। राज्य और देश की राजनीतिक हालात के बारे में कहा कि मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए रंग-बिरंगे नेता कई तरह के नीति वादा करने लगे हैं।
भट्टाचार्य ने आगे कहा कि झारखंड के तथाकथित मंत्री का उग्रवादी संगठन से साठगांठ और आरोप तय होने के बाद भी पुलिस उन्हें नहीं पकड़ रही है। राज्य में सरकार और कानून नाम की कोई चीज नहीं है।