आदिवासियों का दसाई पर्व आज
नाला | आदिवासीसमाज सदियों से ही प्रकृति पूजा एवं तंत्र मंत्र आराधना के प्रति समर्पित रहा है। समाज का बड़ा हिस्सा जब दशहरा की खुशियों में डूबा रहता है ठीक उसी समय आदिवासी समाज में दसाई पर्व को लेकर काफी उत्साह बना रहता है। इस पर्व की तैयारी को लेकर टेन प्लस टू विद्यालय में समाज के छात्र छात्राओं ने बैठक किया। मौके पर उपस्थित राजीव हेम्ब्रम, विश्वनाथ मरांडी एवं धार्मेंजय हेम्ब्रम ने कहा कि आदिम युग से समाज में यह पर्व श्रद्धा और समर्पित भाव से मनाया जाता है। मुख्यतः यह पर्व दुर्गा षष्ठी यानी बेलवरण के साथ ही प्रारंभ हो जाता है तथा इस दौरान मारांग बुरू, कामरू गुरू एवं बुवांग गुरू के आशिर्वाद से आयनोम काजोल की तलाश में पारंपरिक वाद्ययंत्र, गीत, नृत्य करते हुए गांव गांव के युवा पीढ़ी निकल पड़ते हैं।