अफीम की खेती को किया गया नष्ट
सिविल एसडीओ अखिलेश कुमार सिन्हा एवं डीएसपी राजबली शर्मा ने अभियान के तहत कुण्डहित प्रखंड के अमलादही, धानभस्का, बासबनी आदि गांवों में अफीम की लगी फसल को नष्ट कराया। कुण्डहित बागडेहरी थाना के कुछ ग्रामीण अंचलों में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती की जाती है। खेती में पश्चिम बंगाल के कुछ असामाजिक तत्व यहां के भोले-भाले लोगों को इसकी खेती किए जाने के लिए प्रलोभन देते हैं। सरकार की ओर से प्रत्येक राजस्व गांवों में चौकीदारों को नियुक्त किया गया है। लेकिन चौकीदार इस बाबत सूचना संबंधित थाना को नहीं देते हैं। गत वर्ष चरकमारा गांव में अफीम की खेती को नष्ट किया गया था। लेकिन प्रशासन की ओर से किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई थी। इस वर्ष कुण्डहित बागडेहरी थाना क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अफीम या पोस्ता की खेती की गई। 20 एकड़ में लगे अफीम की खेती को नष्ट किया गया। उनके साथ में बीडीओ अरविंद कुमार ओझा, नाला सर्किल इंस्पेक्टर नागेंद्र राम, बिंदापाथर थाना प्रभारी कमलेश पासवान, सीआई इजारूल हक समेत पुलिस बलों की भी मौजूदगी रही।
कुण्डहित प्रखंड क्षेत्र के सभी राजस्व गांवों में ग्राम प्रधानों की नियुक्ति हुई है। ग्राम प्रधान को क्षेत्र की सभी बातों की जानकारी होती है। आरोप है कि अफीम की खेती करने वाले इन्हें नजराना भी देते हैं। इसी वजह से ये लोग सही ढंग से सूचना का आदान-प्रदान नहीं करते हैं। पुलिस के माध्यम से अफीम की खेती नष्ट किए जाने के बावजूद अभी भी कुंडहित प्रखंड के चरकमारा, भेलुवा, दुर्गापुर, इंद्रपहाड़ी, सुद्राक्षीपुर, भड़ाबेड़िया समेत अन्य गांवों में अफीम से पोस्ता निकालने का चलन बदस्तूर जारी है। अफीम की खेती से कई ग्राम प्रधान अच्छी खासी रकम ऐंठ रहे हैं।
नाला में एक एकड़ फसल को किया नष्ट
नालाथाना क्षेत्र के सुंदरबाड़ी गांव में व्यापक पैमाने पर अफीम की खेती की जा रही थी। इस बात की गुप्त सूचना प्रशासन को मिली। सूचना मिलते ही अंचलाधिकारी वंदना भारती थाना प्रभारी सुरेंद्र प्रसाद के नेतृत्व में टीम गठित की। टीम गांव पहुंचकर लगभग एक एकड़ भूमि में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। गौरतलब है कि थाना क्षेत्र के विभिन्न भागों में अफीम की खेती व्यापक स्तर पर किया जाता है। दो वर्ष पूर्व में भी प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए अफीम की फसल को नष्ट किया गया था।
नाला में अफीम की खेती नष्ट करते सीओ अन्य।