- Hindi News
- किताबी ज्ञान के साथ छात्रों को जीने की कला भी सिखाएं
किताबी ज्ञान के साथ छात्रों को जीने की कला भी सिखाएं
शिक्षक सम्मान समारोह सह बचपन बचाओ कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को रेडक्रॉस सभाकक्ष में उपस्थित गणमान्य अतिथियों के सामूहिक दीप प्रज्ज्वलन सर्वपल्ली राधाकृष्णन की तस्वीर पर माल्यार्पण से हुआ। कार्यक्रम का आयोजन झारखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ जामताड़ा जिला इकाई ने किया। शिक्षक सम्मान सह बचपन बचाओ कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि डीसी चंद्रशेखर ने जिला के तमाम सेवानिवृत्त शिक्षकों को शॉल ओढ़ा माल्यार्पण कर किया। सरस्वती वंदना से कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में गणमान्य अतिथियों में से डीसी चंद्रशेखर, जिला कल्याण पदाधिकारी अर्चना मेहता, सिविल सर्जन डॉ. विनोद कुमार साह, आरडीडीई सह डीईओ अरविंद कुमार, सीओ नाला वंदना भारती, डीएसई सियावर प्रसाद, प्रभारी एरिया ऑफिसर प्रदीप कुमार, झाराप्राशिसं के राज्याध्यक्ष सिद्दीक अंसारी, जिलाध्यक्ष सह मंच संचालक लक्ष्मण झा, प्रधान सचिव वरुण कुमार मंडल संघ के पदेन पदाधिकारियों के अलावा जिला भर से पहुंचे तमाम शिक्षकों की उपस्थिति हुई। कार्यक्रम के दौरान संगीत प्रस्तुति में मानसी पाल, श्वेता कुमारी, सोमनाथ पाल, सुमन कुमार का सराहनीय योगदान रहा। सीओ वंदना भारती, प्रधान सचिव वरुण कुमार मंडल, पारा शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सुभाष मिर्धा, नरसिंह मंडल ने भी संबोधित किया।
आरडीडीई अरविंद कुमार ने कहा शिक्षक के हृदय में शिक्षक हमेशा जीता है। आदिकाल से ही शिक्षकों को सम्मान मिल रहा है। कोई भी कार्यक्रम की शुरुआत गुरु वंदना से ही होती है। शिक्षक को रॉल मॉडल बनने की कोशिश करनी चाहिए। अनुशासित जीवन में रहते हुए दायित्व का निर्वहन करने की आदत शिक्षक डालें। समाज को देने वाले को ही याद किया जाता है समाज से लेने वाले को नहीं। अच्छे शिक्षक के कार्य से समाज उऋण नहीं हो सकता। शिक्षकों का संस्कार अच्छा रहेगा तो देखा जाता है कि उनके बच्चे भी संस्कारी ही बनते हैं। संसाधन में केवल भौतिक संरचना का ही विकास हुआ है। मात्र 54 शिक्षक के भरोसे पूरे जिला के उच्च विद्यालय चल रहे हैं। शिक्षकों की घोर कमी है। पारा शिक्षक की भूमिका मेरुदंड की तरह देखी जा रही है। समाज आप शिक्षकों पर आशा भरी नजर रखता है आपसे अपेक्षा भी करता है। सेवानिवृत्ति होने के बाद आपकी जवाबदेही बढ़ जाती है। कुरीतियों रूढ़ीवादी परंपराओं को दूर करने का कार्य करें। पेंशन आपके द्वार कार्यक्रम सही से संचाल