तिलका के आदर्शों का पालन करें: शिवदयाल
चपरीफुटबॉल मैदान में स्वतंत्रता सेनानी एवं गरीबों के मसीहा बाबा तिलका मांझी की जयंती धूमधाम से मनाई गई। कार्यक्रम का शुभारंभ समाजसेवी शिवदयाल मांझी मनोज कुमार मुर्मू ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर तीरंदाजी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। यहां मांझी ने कहा कि बाबा तिलका के बलिदान से यह सौभाग्य मिला है, जिसे बचाने की जरूरत है एवं इनके आदर्शों को पालन करने की भी जरूरत है। साथ ही आदिवासी समुदाय के लोगों को समाजिक कार्य में आगे आने एवं शिक्षा पर ध्यान देने की बातें कहीं। वहीं मनोज मुर्मू ने कहा कि समाज में फैल रही गंगदी के लिए समाज के सभी वर्गों को आगे आने एवं जागरूक करना बहुत जरूरी है। यहां आयोजित तीरंदाजी प्रतियोगिता में प्रथम फूलचंद सोरेन, द्वितीय मतलू मांझी तृतीय इंद्रजीत हांसदा रहे। जिसे पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौके पर महावीर टुडू, सुनील हेंब्रम, परमेश्वर बास्के, जितन टुडू, रंजीत हांसदा, मिथुन मुर्मू, इंद्रजीत हांसदा, मतलू मांझी, महेंद्र हेंब्रम, फूलचंद सोरेन, लोबिन हेंब्रम, शांति देवी, मालती देवी, गुड़िया कुमारी, सरिता कुमारी, डोली कुमारी आदि मौजूद थे।
बाहा नृत्य से लोगों का मन मोहा
तिलकामांझी जन्म महोत्सव के अवसर पर पश्चिम बंगाल से आए कलाकारों ने बाहा नृत्य का आयोजन कर अपना कलाकारी का जोहर दिखाया। लोगों ने नृत्य का भरपूर आनंद उठाया। इसके अलावा तीरंदाजी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें आसपास के लोगों ने प्रतियोगिता में हिस्सा लिया।
चंदनकियारी चंदनकियारीप्रखंड के मुरलुडीह गांव में शहीद तिलका मांझी का जन्मोत्सव मनाया गया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने शहीद तिलका मांझी के प्रतिमा पर आदिवासी रीतिरिवाज से पूजा अर्चना की गई। पुष्पांजलि अर्पित करते हुए चंदनकियारी प्रखंड के उपप्रमुख प्रयाग सिंह चौधरी ने कहा कि तिलका मांझी एक महान पुरूष थे। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ लोहा लिया। साथ ही आदिवासी की गरिमा को बचाने के लिए आंदोलन किया और क्षेत्र से अंग्रेजों को खदेड़ने का काम किया। उन्होंने कर वसूली नशाखोरी के विरोध भी लोगों को एकजूट कर अंदोलन किया। आज हमें प्रेरणा संकल्प लेने की जरूरत है। साथ ही उनके बताए मार्ग पर चलकर ही देश प्रदेश आगे बढ़ा सकते हैं। मौके पर शंकर मुर्मू, गयाराम मुर्मू, सोहराय हांसदा, कमलकांत मुर्मू, बादल हांसदा, नारायण चंद्र हांसदा आदि मौजूद थे।
{ तीरंदाजी प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
{ चपरी में बाबा तिलका मांझी की जयंती मनाई गई
तिलका मांझी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करते लोग।
बालीडीह| आदिवासी सेंगेल अभियान बरूवाटांड कार्यालय प्रांगण में बाबा तिलका मांझी का जयंती समारोह धूमधाम से मनाया गया। सबने उनकी तस्वीर पर पुष्प माला अर्पित की। मुख्य अतिथि समाजसेवी सह एलआईसी फुसरो ब्रांच के विकास अधिकारी जयदेव हेमब्रम ने कहा कि बाबा तिलका ने जुल्म अत्याचार के खिलाफ अंग्रेजों से लोहा लेने का काम किया था। वर्ष 1785 मे उन्हें सूली मे चढ़ा दिया गया। आदिवासियों को न्याय दिलाने तथा अत्याचार से छुटकारा दिलाने के लिए उन्होंने अपने प्राणों तक न्योछावर कर दिए। ऐसे महापुरुष से युवाओं को सीख लेने की जरूरत है तभी हमारा समाज एक विकसित समाज बन पाएगा।