पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • मातम में बदला मासस का शक्ति प्रदर्शन

मातम में बदला मासस का शक्ति प्रदर्शन

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
माससका पिठाकियारी में प्रस्तावित शक्ति प्रदर्शन गुरुवार को मातम में बदल गया। भाजपा का झंडा उखाड़ने आैर निजी जमीन से जुलूस निकालने के सवाल पर दोनों दलों के समर्थकों में हिंसक झड़प हो गई। इसमें मासस समर्थक माचन रविदास की मौत हो गई। खबर उनके घर पहुंचते ही वहां चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। माचन के तीन बेटों और चार बेटियों के चीत्कार से माहौल गमगीन हो गया। प|ी बार-बार बेहोश हो रही थीं। माचन पान दुकान चलाते थे। उसी से परिवार का पेट भरता था।

निरसा थाने में दोनों पक्षों ने मारपीट की शिकायत दर्ज कराई है। मृतक के बेटे जगदीश रविदास ने अपनी लिखित शिकायत में कहा कि भाजपा समर्थक बादल, मनोज, सुजीत, उदय, नरेश आदि ने उनके पिता को मासस की रैली में जाने से मना किया। पिता के इनकार करने पर उन्होंने मुक्का-लात से पिटाई शुरू कर दी, जिसमें उनकी मौत हो गई।

इधर, सुजीत रविदास ने अपनी शिकायत में कहा कि गुरुवार दिन के 11 बजे अरुप चटर्जी, टुटून मुखर्जी, विधायक के दोनों अंगरक्षक और उनके समर्थक पिठाकियारी मैदान पहुंचे। अरुप जातिसूचक शब्द का प्रयोग करते हुए भाजपा के झंडे हटाने लगे। विरोध करने पर पीटा। महिलाओं से छेड़छाड़ भी की।

हिंसक झड़प में दोनों गुटों के कई लोग जख्मी हो गए। घायलों में भाजपा के मनोज रविदास, सुजीत रविदास, बादल रविदास, सुलेखा देवी, मनीषा दास भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मासस नेता अरुप चटर्जी, टुटून मुखर्जी और उनके समर्थक पिठाकियारी मैदान पहुंच कर वहां लगे भाजपा के झंडे खोल कर फेंकने लगे। हमने विरोध करते हुए कहा कि यह जमीन हमारी है, यहां से हमारे झंडे नहीं हटाएं। इस पर मासस प्रत्याशी ने जाति सूचक शब्द का प्रयोग किया और अपने अंगरक्षकों तथा समर्थकों से हमला करवा दिया। भाजपाइयों ने कहा कि हम सिर्फ 15 थे, जबकि मासस समर्थक सैकड़ों की तादाद में थे।

दोनों तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत

हम सिर्फ 15, वे थे सैकड़ों में : भाजपाई

झड़प में मासस समर्थक की मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।

झड़प की शिकायत करने थाने पहुंचे मासस नेता अरुप चटर्जी और अन्य।

घटनास्थल पर पुलिस अधिकारी से उलझते लोग।