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रिहाई की मांग को ले निरसा थाने का तीन घंटे तक घेराव
नियोजनऔर मुआवजे की मांग को लेकर घटवार आदिवासी महासभा के बैनर तले चल रहे आंदोलन के दौरान सोमवार को महासभा के सलाहकार रामाश्रय प्रसाद सिंह को पुलिस ने मैथन संजय चौक से गिरफ्तार कर अन्यत्र लेकर चले गए। इससे विस्थापितों का डीवीसी के खिलाफ चल रहा आंदोलन सफल नहीं हो सका। विस्थापितों को जैसे ही यह सूचना मिली कि रामाश्रय प्रसाद सिंह को गिरफ्तार कर निरसा थाना ले जाया गया है। विस्थापित मैथन से निरसा थाना पहुंच कर लगभग तीन घंटे तक घेराव किया। विस्थापित अपने पारंपरिक हरवे-हथियार से लैस होकर रामाश्रय प्रसाद सिंह की अविलंब रिहाई की मांग को ले निरसा थाने के समक्ष प्रदर्शन करने लगे। इस दौरान विस्थापितों के साथ एसडीओ और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच जमकर नोक-झोंक हुई। घटना की सूचना पाकर पूर्व मंत्री अपर्णा सेनगुप्ता, मुखिया अनिता गोराई भी निरसा थाना पहुंची। बाद में प्रशासन के अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में बताया गया कि रामाश्रय प्रसाद सिंह को टुंडी थाने में रखा गया है। यह सुनकर विस्थापित आक्रोशित हो उठे। विस्थापितों का कहना था कि रामाश्रय प्रसाद सिंह की तबीयत खराब है। प्रशासन उन्हें मारने की नीयत से गिरफ्तार किया है। बाद में अपर्णा सेनगुप्ता ने विस्थापितों को शहीद मैदान में रुकने को कहा। रामाश्रय सिंह को लाने विस्थापितों के साथ टुंडी के लिए रवाना हो गई। विस्थापितों के आक्रोश को देखते पुलिस भी पूरी तरह निरसा थाने में मुस्तैद थी। प्रशासन ने आंसू गैस, लाठी पार्टी के अलावे मैथन से अग्निशमन वाहन को भी बुला लिया था।
अपनेहक के लिए गोली खाने को भी तैयार : हमलोगोंकी जमीन गई है। हमलोग गोली खाने को भी तैयार हैं, परंतु अपना हक अधिकार लेकर रहेंगे। विस्थापितों का कहना था कि जहां पर 144 धारा लगाई गई है। हमलोग वहां गए ही नहीं हैं। यहां तक कि हमारा तंबू 500 मीटर के दायरे में था, उसे भी हमलोगों ने हटा लिया।
मैथन में घेरा डालो, डेरा डालो आंदोलन को लेकर जुटी पुलिस।
टुंडी थाने में पुलिस की हिरासत में रामाश्रय सिंह।
नियोजन और मुआवजे को ले आंदोलन का नेतृत्व कर रहे रामाश्रय सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार
मैथन पंचेत में लगी धारा 144