आवाम की आवाज बनकर सामने आए हम
रविवारको दैनिक भास्कर के चार साल पूरे हो गए हैं। आज के दिन ही दैनिक भास्कर आम-आवाम की आवाज बनकर सामने आया। इसके साथ ही 14 सितंबर 2010 का दिन पलामू वासियों के लिए यादगार दिन बन गया है। यह वह दिन था जब पलामू को एक नया साथी मिल गया। उस दिन पलामू की परिस्थितियां कुछ और बयां कर रही थी। किंतु समय के साथ दैनिक भास्कर पलामू की जनता की आवाज बनकर हर सुख-दुख में उसके साथ खड़ा रहा। इसी का प्रतिफल है कि हमारी बुनियाद और गहरी हुई है। हम आगे भी लोगों की आवाज बनकर उनका संघर्ष आगे बढ़ाने को तैयार हैं।
समस्याओंके निदान में निभाई भूमिका : जिलेकी कई समस्याओं को दूर कराने में अहम भूमिका निभाई गई है। बिजली की समस्या हो या पेयजल संकट का मामला। हर समस्या के सही निदान के लिए लोगों के साथ मिलकर उचित प्लेटफार्म पर रखने का प्रयास किया है। पलामू में बिजली संकट को दूर करने के लिए हटिया ग्रिड से जोड़ने का मुद्दा हो या फिर सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र की आम आदमी की समस्या दैनिक भास्कर लोगों के साथ खड़ा रहा है। लोगों की अपेक्षाओं पर यह हमेशा खरा उतरा। चैनपुर के आदिवासी बहुल टोला लमती में अन्नदान कार्यक्रम के तहत एक टन चावल दाल का वितरण कर भास्कर आम आदमी के प्रति अपनी सामाजिक दायित्व का भी बोध राजा मेदिनी राय की धरती पर कर चुका है।
अपारसंभावनाएं : जिलेमें विकास की गति को तेज करने के लिए अपार संभावनाएं अभी शेष हैं। इसके लिए पलामू वासियों की जिद को मुकाम देने में भास्कर अपनी महती भूमिका निभाने को तत्पर है। भीम बराम के अधूरे पूल निर्माण, मंडल डैम में गेट लगाने, पलामू में मेडिकल कॉलेज खुलवाने, एनपीयू के विवि भवन निर्माण समेत कई कार्य हैं जो पलामूवासी करना चाहते हैं। इसके लिए मुहिम जारी है। जरूरत है सही दिशा में मिलकर सार्थक प्रयास करने की, ताकि पलामू का नाम झारखंड ही नहीं देश के मानचित्र पर विकसित शिक्षित जिला बनकर रेखांकित हो सके।