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एनआरईपी के ईई के खिलाफ जांच कर एफआईआर का निर्देश
प्रमंडलस्तरीय समीक्षा बैठक आयुक्त एनके मिश्र की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय में हुई। बैठक में राजस्व, विकास मनरेगा समेत पांच बिंदुओं पर गहनता से विचार विमर्श किया गया। इसमें आयुक्त मिश्र ने तीनों जिला के डीसी को निर्देश दिया। ग्रामीण विकास विभाग के तहत विधायक निधि एवं मुख्यमंत्री विकास योजना के एसी बिल का सामायोजन डीसी बिल में शीघ्र करने का निर्देश दिया।
उन्होंने गढ़वा डीसी मनीष रंजन को निर्देश दिया कि एनआरईपी के कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि एनआरइपी के कार्यपालक अभियंता के ऊपर 9 करोड़ 91 लाख रुपए का एसी बिल का समायोजन डीसी बिल में नहीं किया जा सका है। एसी बिल का समायोजन डीसी बिल में करने के लिए ग्रामीण विकास विभाग द्वारा एजी कार्यालय के अधिकारी दीपक शर्मा को सभी जिला से समन्वय बनाकर समायोजन में मदद करने का निर्देश दिया गया है। बैठक में मनरेगा के तहत बीपीओ तकनीकी सहायक की नियुक्ति के संबंध में विचार विमर्श किया गया। साथ ही मनरेगा के तहत मानदेय भगुतान की अद्यतन स्थिति की भी समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आवंटन के अभाव में मानदेय भुगतान विलंब से हो रहा है। इसके लिए सरकार को लिखने का निर्णय लिया गया। बैठक में तीनों जिला के डीसी को स्पष्ट निर्देश दिया गया कि जिन नये प्रखंडों का भवन बनना है। उनका भवन अधिसूचित क्षेत्र में ही बने, कि दूसरे क्षेत्र में। इसे गंभीरता से लेने का निर्देश आयुक्त ने दिया है।
उल्लेखनीय है कि पलामू के नावाबाजार, पड़वा गढ़वा के केतार प्रखंड का निर्माण कार्य प्रस्तावित है। किंतु निर्माण कार्य अधिसूचित क्षेत्र की जगह दूसरी जगह पर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान केतार प्रखंड के समाजसेवी शिक्षक यूएस चौबे के नेतृत्व में प्रखंडवासियों का प्रतिनिधिमंडल आयुक्त से मिलकर वस्तु स्थिति की जानकारी सुलभ कराई थी। इसके बाद आयुक्त ने गंभीरता से इस विषय को लिया है। इस कारण अब अधिसूचित क्षेत्र में ही प्रखंड भवन का निर्माण करने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। बैठक में भूमि हस्तांतरण मामले पर भी विचार किया गया। लातेहार डीसी से टोरी शिवपुर रेल लाइन की प्रगति के बारे में पूछा गया। साथ ही निर्माण कार्य में रही कठिनाइयों को दूर करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में तीनों जिला के डीसी को सरकारी जमीन का मैपिंग डाटा बेस तैयार कर 15 फरवरी तक जमा करने का निर्देश दिया गया। इसपर डीसी स्तर से बताया गया कि इस काम में ज्यादा समय लगेगा। इसलिए मैपिंग तैयार करने के लिए और समय दिया जाए। उल्लेखनीय है कि राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग द्वारा विहित प्रपत्र में गैर मजरुआ मालिक, गैर मजरुआ आम, जंगल झाड़ी विभिन्न विभागों के पास उपलब्ध भूमि के संदर्भ में सरकारी भूमि का मैपिंग डाटा वेस तैयार करने का निर्देश प्राप्त हुआ है। बैठक में भू-राजस्व एवं अन्य विभागों द्वारा इस वितीय वर्ष में किए गए राजस्व संग्रहण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा की गई।