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वन माफिया सक्रिय, काट डाला सौ साल पुराना वृक्ष
गारू में वन माफियाओं द्वारा उजाड़ा गया जंगल और वन माफियाओं द्वारा काटा गया 100 साल पुराना वृक्ष।
गारू. पलामूव्याघ्र परियोजना के बफर क्षेत्र अंतर्गत गारू पूर्वी वन क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई एवं पत्थरों की तुड़ाई किए जाने से वन एवं पर्यावरण को भारी क्षति हो रही है, लेकिन विभागीय निष्क्रियता के कारण इस कार्य में लगे लोगों का मनोबल बढ़ता जा रहा है। गारू पूर्वी वन क्षेत्र के डोमाखाड़ के पास खड़ा हरा-भरा पेड़, जो सौ साल से भी अधिक पुराना बताया जाता है, को वन माफिया ने काट दिया। इस कार्य में उन लोगों का हाथ बताया जाता है, जो अवैध रूप से पलामू व्याघ्र परियोजना क्षेत्र से मोहलाम एवं तेंदू पत्ती की तुड़ाई कराते हैं। माफियाओं की योजना पेड़ कटाई के बाद मोहलाम पत्ती के साथ छिपाकर लकड़ी ले जाने की है। जिस जगह पर पेड़ की कटाई की गई है, वहां पर भारी मात्रा में कोयल नदी पार कर मोहलाम पत्ती का संग्रहण किया गया है। सूत्र बताते हैं कि पलामू व्याघ्र परियोजना क्षेत्र में वनों की कटाई आम हो गई है। वन विभाग पेड़ों की कटाई एवं वन क्षेत्र में अवैध रूप से तोड़े जा रहे पत्थरों को रोकने में अक्षम साबित हो रही है। परियोजना क्षेत्र के जंगलों में भैसों का बथान होने से वन एवं वन प्राणियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही कारण है कि परियोजना क्षेत्र में विगत वर्षों में कई हाथी समेत वन्य जीवों की मौत हो चुकी है एवं वनों की कटाई में बढ़ोतरी हुई है। वन विभाग इस मामले में चुप्पी साधे है। विभाग इस मामले में खुद पीठ थपथपा रही है। इस संबंध में बफर क्षेत्र के डीएफआे अनिल कुमार मिश्रा से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने मोबाइल रिसीव करना मुनासिब नहीं समझा।
^मुझेभीवन माफियाओं द्वारा जंगल उजाड़े जाने की सूचना मिली है। मामले की जांच कर शीघ्र ही इस कृत्य में शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।’’
आरपीशुक्ला, रेंजर, पलामूव्याघ्र परियोजना क्षेत्र