- Hindi News
- सरकारी अस्पतालों में स्मार्ट हेल्थ कार्ड से नहीं हो रहा इलाज
सरकारी अस्पतालों में स्मार्ट हेल्थ कार्ड से नहीं हो रहा इलाज
क्या कहते हैं डीपीएम
मेदिनीनगर | राष्ट्रीयस्वास्थ्य बीमा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में मरीजों का इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। हेल्थ कार्ड रहते हुए भी गरीब मरीज पैसे खर्च कर इलाज कराने के लिये विवश हैं। केवल पाटन चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ही कार्ड पर मरीजों का इलाज किया जाता है। हुसैनाबाद अनुमंडलीय अस्पताल समेत लेस्लीगंज, मनातू, पांकी, हरिहरगंज, छतरपुर सीएचसी में स्मार्ट कार्ड पर इलाज शुरू नहीं हुआ है। इसमें पलामू कमिश्नरी मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल भी शामिल है जहां पूरे जिले के गरीब मरीज स्मार्ट हेल्थ कार्ड लेकर इलाज कराने पहुंचते हैं। इन सभी सरकारी अस्पतालों को आरएसबीवाई से सूचीबद्ध किया गया है।
सदरअस्पताल में दो मरीज का हुआ इलाज
डीसीकेएन झा ने पिछली बार जब आरएसबीवाइ की समीक्षा की तो पाया कि सदर अस्पताल में स्मार्ट हेल्थ कार्ड पर मात्र दो मरीजों का ही इलाज हुआ है। इसे गंभीरता से लेते हुए उन्होंने सभी सरकारी अस्पताल जिसे योजना के तहत सूचीबद्ध किया गया है वहां स्मार्ट कार्ड पर मरीजों का हर हाल में इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश सीएस को दिया।
प्राइवेटअस्पतालों पर टिका आरएसबीवाइ : आरएसबीवाइके तहत जिले में दस सरकारी 19 प्राइवेट अस्पताल सूचीबद्ध हैं। लेकिन स्मार्ट हेल्थ कार्ड पर गरीब मरीजों का इलाज प्राइवेट अस्पताल ही प्रमुखता के साथ कर रहे हैं। जिन प्राइवेट अस्पतालों में कार्ड पर नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी जाती है, उनमें मेदिनीनगर में भगवती अस्पताल, लाइफ लाइन, लांग लाइफ अस्पताल, श्रीनारायण एंड मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल, मेटरनिटी अस्पताल, आरोग्यम अस्पताल, आयुष अस्पताल, सोनाक्षी नेत्रालय समेत जन विकास ट्रस्ट अस्पताल लेस्लीगंज, आर्यन अस्पताल पाटन, जिमसार गाड़ीखास शामिल हैं।
आरएसबीवाइ के जिला प्रोग्राम मैनेजर रितुराज पाठक का कहना है कि कुल 29 सरकारी गैर सरकारी अस्पतालों में स्मार्ट हेल्थ कार्ड पर इलाज की सुविधा है। लेकिन यह सच्चाई है कि कुछ सरकारी अस्पताल को छोड़कर अधिकांश में इलाज की सुविधा पाने से मरीज वंचित हो रहे हैं। इसके लिए प्रत्येक माह समीक्षा बैठक में उन्हें निर्देश भी दिया जाता है।