पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • तालाब बना नारकीय, सौंदर्यीकरण के नाम पर हुई खानापूर्ति

तालाब बना नारकीय, सौंदर्यीकरण के नाम पर हुई खानापूर्ति

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
मेनरोड के किनारे संकटहरण हनुमान मंदिर के पीछे स्थित शहर का एकमात्र तालाब आज नारकीय स्थिति में है। तालाब में कचरा तथा अन्य अघुलनशील पदार्थों का अंबार है। जिसके कारण पानी से दुर्गन्ध आती रहती है। इसका सबसे ज्यादा दुष्प्रभाव बगल में स्थित बालिका हाई स्कूल के छात्राएं शिक्षक पर होता है। कभी इस तालाब से आस-पास के इलाकों में जलस्तर कायम रहता था। पर आज पानी के दूषित हो जाने का खतरा उत्पन्न हो गया है। 85 वर्षीय दुर्गा मंदिर के पुजारी पंडित श्यामसुंदर वैध, सौ वर्षीय जाउत्री कुंवर सहित कई लोगों ने बताया कि इस तालाब में वर्षों पहले पूरे शहर के लोग छठ व्रत जैसा पवित्र पूजा भी करते थे। इसके अलावे स्नान करने तथा कई अवसरों पर मूर्ति विसर्जन भी इसमें किया जाता था। परन्तु आज इस तरफ लोग देखना भी पसंद नहीं करते। यह तालाब कूड़ा कचरा फेंकने की जगह बन गई है। करीब सात वर्ष पहले झालको द्वारा इसकी सौन्दर्यीकरण की योजना शुरू की गई थी। लेकिन तालाब के कुछ भाग को मिट्टी से भरने के सिवा कोई भी काम नहीं हुआ। विषाक्त पानी की वजह से अब इसमें मछली पालन भी नहीं होता है। व्यवसायी संजीव गुप्ता, राबर्ट गुप्ता, रवि कुमार, मुन्ना जायसवाल, आजसू के विमलेश पाठक, निरंजन प्रसाद, राजू शर्मा, राजू सिंह, सोनू जायसवाल सहित अनेक शहरवासियों ने इस तालाब का सौन्दर्यीकरण कर स्वच्छ बनाने की मांग उपायुक्त पलामू से की है।

पंचायतके पास फंड नहीं है : हरिहरगंजपूर्वी के मुखिया सुनीता देवी ने बताया कि तालाब में खर्च करने के लिए राशि नहीं है। परन्तु इसे स्वच्छ बनाना आवश्यक है।

सौंदर्यीकरणका प्रस्ताव रखा जाएगा : उपप्रमुख

उपप्रमुखकृष्णा प्रसाद ने कहा कि यह तालाब शहर की पहचान है। इसे सुंदर बनाना और पवित्र रखना सभी का कर्तव्य है। इसकी सौन्दर्यीकरण के लिए पंचायत समिति की बैठक में प्रस्ताव लाया जाएगा।