- Hindi News
- कृषि आधारित आजीविका से महिलाएं होंगी स्वावलंबी : सत्यानंद
कृषि आधारित आजीविका से महिलाएं होंगी स्वावलंबी : सत्यानंद
मेदिनीनगर | सदरप्रखंड के मधुनेभी ग्राम स्थित स्वंय सेवी संस्था जन-आस्था के क्षेत्रीय कर्यालय में “महिला किसान परियोजना” के अंतर्गत संस्था के सचिव सत्यानन्द शुक्ला ने महिला स्वयं सहायता सामूह के बीच दरी,बक्सा ,रोकड़ बही ,कार्य पुस्तिका ,कर्ज पुस्तिका आदि का वितरण किया।
सत्यानन्द शुक्ला ने महिला किसान परियोजना के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कृषि में महिलाओं की वर्तमान स्थिति में सुधार करने के लिए भारत सरकार ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के अंतर्गत “महिला किसान परियोजना”की शुरुआत की है| जिसमें कृषि के क्षेत्र में महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर पैदा करने, घर और समुदाय के स्तर पर खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को सुनिश्चित करने ,कृषि में महिलाओं की उत्पादक भागीदारी बढ़ाने जैव-विविधता के बेहतर प्रबंधन के लिए कृषि में महिलाओं की प्रबंधकीय क्षमताओं को बढ़ाने का काम किया जा रहा है जिससे कृषि आधारित आजीविका ग्रामीण महिलाओं के स्वालंबन में उपयोगी साबित हो रही है |
उन्होंने कहा की ज्यादातर ग्रामीण महिलाएं भूमि के स्वामित्व के अभाव में किसानों के रूप में मान्यता प्राप्त नहीं होने के कारण कृषि में बीज, पानी, ऋण, सब्सिडी जैसे विस्तार सेवाओं और उत्पादन परिसंपत्तियों के लाभ से बंचित रह जाती थी। इन परस्थितियो में “महिला किसान परियोजना” ग्रामीण महिलाओं के लिये वरदान साबित हो रहा है। स्वंयसेवी संस्था जन-आस्था परती भूमि विकास समति द्वरा संचालित “महिला किसान परियोजना”से जुड़कर पलामू लातेहार जिले के 41गांव के लगभग 125महिला स्वंय सहायता सामूह के 1200 महिला किसान के रूप इसका लाभ प्राप्त कर रही हैं। मौके पर उपस्थित थे संस्था के अध्यक्ष एजाज अहमद ,रबिंदर कुमार ,प्रतिमा देवी ,कमला देवी आदि ने अपने अपने विचार रखे।