कौड़ी के दाम बिक रहे पशु
धान के खेतों में दरार, परती में उड़ रही धूल
पलामूप्रमंडल के कई जिले सुखाड़ की आगोश में है। पलामू जिले का हुसैनाबाद अनुमंडल भी सुखाड़ की भयावह स्थिति से गुजर रहा है। अनुमंडल क्षेत्र के हुसैनाबाद, हैदरनगर मोहम्मदगंज प्रखंडों में खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी हैं और रबी की फसल बर्बाद होने की स्थिति उत्पन्न हो चुकी है। क्योंकि एक ओर जहां पानी के अभाव में धान के खेतों में दरार पड़ गई है तो दूसरी ओर परती पड़े खेतों में धूल उड़ रही है।
क्षेत्र के किसान प्रति दिन पानी की आस में आसमान की ओर टकटकी लगाये बैठे हुए हैं, जबकि नवजवान रोजी रोटी के अभाव में पलायन करना शुरू कर दिया। सुखाड़ का सीधा असर नवरात्र बकरीद जैसे पर्व पर देखा जा रहा है। उत्साह के इस नवरात्र पर्व में चारों ओर उदासी का माहौल कायम है।
परती पड़ी हुई जमीन।
सुखाड की भयावह स्थिति उत्पन्न होने से मनुष्य एवं पशुओं के समक्ष भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है। क्षेत्र के लोग पेट को पालने के विभिन्न शहरों में पलायन कर रहे हैं तो दूसरी ओर चारा के अभाव में पशुओं को औने पौने दामों पर बेचने के लिए विवश हो रहे हैं। पशु के व्यवसाय करने वाले व्यापारी प्रति दिन 20 से लेकर 35 जानवरों को खरीदकर मेले के लिए ले जा रहे हैं।
क्याकहते हैं किसान
अनुमंडलक्षेत्र के 42 पंचायतों में 28 पंचायत ऐसे है, जहां पानी के अभाव में एक रती भी जमीन पर रोपा नहीं हो सका है। इन पंचायत के किसान भोला सिंह, सरयू चौधरी, भगवान राम, रनेश कुमार, प्रवीण सिंह आदि का कहना कि बजार से मंहगी धान का बीज खरीदकर पंप द्वारा किसी प्रकार विचडा किया था। लेकिन पर्याप्त पानी नहीं होने से सभी बिचड़ा सूख गए। इसके अलावा एक और उम्मीद थी कि रबी की फसल अच्छी होगी। लेकिन अब तक पानी नहीं होने से उम्मीद पर पानी फिरता हुआ नजर रहा है।