10 सूत्री मांग पर चौकीदारों का धरना
झारखंडराज्य दफादार-चौकीदार पंचायत की गढ़वा जिला इकाई ने अपने 10 सूत्री मांगों के समर्थन में समहरणालय के समक्ष एक दिवसीय धरना दिया। धरना के पश्चात एक मांग पत्र डीसी को सौंपा गया। इस मौके पर राज्य संयोजक कृष्ण दयाल सिंह ने कहा कि गढ़वा थाना क्षेत्र के चार चौकीदारों को निलंबित किया गया था।
उसमें तीन को निलंबन से मुक्त कर दिया गया जबकि संगठन के जिला संयोजक कामेश्वर राम को अब तक निलंबनमुक्त नहीं किया गया है। चौकीदारों को निलंबित करने का अधिकार उपायुक्त को है जबकि कामेश्वर राम का निलंबन एसपी द्वारा किया गया है जो गलत है। एसपी द्वारा चौकीदारों का निलंबर डीसी के क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण है। सरकारी नियमों की धज्जियों पुलिस अधिकारी द्वारा उड़ाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने चौकीदारों को गांव से बाहर ड्यूटी के लिए मना किया है किंतु सरकारी निर्देशों की अवहेलना करते हुए थानेदार चौकीदारों को थाने का पहरेदार बना दिया है। इस कारण जनहीत का कार्य प्रभावित हो रहा है। राज्य संयोजक ने कहा कि चौकीदारों का विभिन्न स्तर पर शोषण एवं आश्रितों की नियुक्ति पर लगी सरकारी रोक के खिलाफ 18 मार्च को रांची में विशाल रैली निकाल कर प्रदर्शन किया जाएगा। मौके पर पलामू जिलाध्यक्ष सुरेश राम ने कहा कि पलामू जिला में चैकीदारों को एसीपी का लाभ मिला है ऐसी स्थिति में गढ़वा जिले के चौकीदारों को एसीपी का लाभ नहीं दिया जाना बेमानी है।
कार्यक्रम में रामाकांत यादव, दिनेश पासवान, ललन पासवान, अनुज कुमार, जयराम, राजाराम, अलीबक्स अंसारी, कलीम खान, सुरेश पासवान, असरफी राम, अनिल चौधरी, अनुज कुमार पासवान आदि लोगों ने भी संबोधित किया।
धरना देते दफादार-चौकीदार पंचायत के लोग।
झारखंड राज्य दफादार चैकीदार पंचायत के तत्वावधान में आयोजित धरना के माध्यम से डीसी को सौंपे गए मांग पत्र में बकाया वेतन एवं अन्य भत्ता भुगतान करने की मांग की गई। साथ ही एसपी द्वारा निलंबित किए गए चौकीदारों को निलंबनमुक्त करने, चैकीदारों को बैंक ड्यूटी, गश्ती, कैदी स्काॅट आदि ड्यूटी पर रोक लगाने, एसीपी का लाभ देने, यात्रा भत्ता एवं ठहराव भत्ता देने, सेवा निवृति के बाद आश्रितो को नियुक्त करने आदि की मांग शामिल है।