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शिक्षा को तिजारत बनने से रोकने की जरूरत : नामधारी
मेदिनीनगर | विधानसभाके पूर्व स्पीकर इंदर सिंह नामधारी ने कहा कि हमारा उद्देश्य देश में शिक्षा का अलख जगाना होना चाहिए। इसके लिए हम सब को मिल जुलकर प्रयास करने की जरूरत है। वे रविवार को जिला स्कूल के प्रशाल में आयोजित पलामू जिला प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के सेमिनार, सांस्कृतिक झलक सह शिक्षक सम्मान समारोह कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा की दो धाराएं बन गयी हैं। एक धारा ऐसी है जहां ज्ञान की जगह ग्रेडिंग को महत्व मिल रहा है। नामधारी ने कहा कि सरकारी शिक्षकों को राष्ट्रपति पुरस्कार तो मिल रहे हैं लेकिन इसके बाद भी सरकारी शिक्षा का स्तर ऐसा हो गया है कि रिक्शा चालक भी अपने बच्चों को निजी स्कूल में ही पढ़ाने की बात करता है।
पूर्व स्पीकर ने यह भी कहा कि निजी विद्यालयों को भी इतराने की जरूरत नहीं है। वहां भी कई सारी खामियां हैं। उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि सरकार और निजी स्तर पर साझीदारी के साथ बेहतर कार्य करने के प्रयास किए जाएं। शिक्षा को तिजारत बनने से रोकने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि निजी विद्यालयों को यह समझना होगा कि गरीब बच्चों को भी पढ़ने का हक है। विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने कहा कि शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निजी स्तर पर किये जा रहे प्रयास की सराहना होनी चाहिए। सरकार के स्तर पर भी ऐसे संस्थानों को सहयोग करने की जरूरत है। शिक्षा को बढ़ाने में इन निजी स्कूलों की अहम भूमिका है। इसके पूर्व एसोसिएशन के अध्यक्ष विनोद मिश्र ने स्वागत भाषण दिया। सचिव अरविंद पांडेय ने सरकार से उनके कार्य में सहयोग करने की मांग की। इसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसमें पटेल रमण, संस्कार वैली, पीवीपी , एसएलए, कैंब्रिज, ज्ञान मंदिर, स्वामी विवेकानंद, ओरिएंट, बाल शिक्षा निकेतन, ज्ञान भारती, रेड रोज, जेनिथ फ्यूचर स्कूल के बच्चे शामिल थे। कार्यक्रम का संचालन शार्दुल कुमार उमेश गुप्ता ने किया। इस अवसर पर केके मिश्रा, विजयानंद सरस्वती, रामानुज सिंह, शंकर, मदन शुक्ला, रामाकांत, अजय, राकेश, विमल, मुकेश अग्रवाल मौजूद थे।
जो सम्मानित हुए
कार्यक्रम में जिन शिक्षकों को सम्मानित किया गया उनमें विनोद बिहारी दुबे, संदीप कुमार, सविता देवी, सुनील मेहता, लवकेश कुमार, नंद किशोर यादव, विनोद सिंह, सतीश पांडेय, पूनम देवी, संजीव कुमार, बजरंग बली शर्मा, व