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धौनी का व्यक्तित्व वर्ल्ड कप नतीजे से बड़ा : घोष

6 वर्ष पहले
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मैंनेअपनी इस बायोग्राफी में एक लीडर के बारे में लिखा है। एक ऐसा लीडर जिसकी लीडरशिप का लोहा पूरा विश्व मानता है। ये कहना है टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धौनी पर “द मैन, लीडर-एमएसडी’ नाम की किताब लिखने वाले विश्वदीप घोष का। रांची में नाना के घर बचपन बिताने वाले घोष की यह किताब वर्ल्ड कप से पहले जारी हुई है। विश्वदीप कहते हैं, “उन्हें नहीं पता कि इस बार आईसीसी वर्ल्ड कप में टीम इंडिया धौनी की कप्तानी में क्या करेगी, लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि धौनी का व्यक्तित्व वर्ल्ड कप के नतीजे से बड़ा है।’ घोष ने किताब में धौनी पर और भी बहुत कु़छ लिखा है।

धौनी का नहीं, टीम का टाइम बुरा चल रहा है

विश्वदीपका मानना है कि धौनी का नहीं, टीम इंडिया का टाइम खराब चल रहा है। इसके लिए धौनी को जिम्मेदार ठहराना गलत है। अब तक भारत को धौनी जैसा कप्तान नहीं मिला है। सिर्फ क्रिकेट ही नहीं दूसरे खेलों के कप्तान भी माही को लीडर मानते हैं। भारतीय हॉकी टीम के कप्तान रह चुके धनराज पिल्लई भी कह चुके हैं कि एमएस एक बेहतरीन लीडर हैं। उनमें निर्णय लेने से लेकर टीम को मुसीबत से बाहर निकालने का हुनर है।



घोष ने कहा कि धौनी उन खिलाड़ियों में से नहीं हैं जो रिकाॅर्ड बनाने के लिए खेलते हैं।

कई बॉलीवुड हस्तियों पर भी लिखी है किताब

18साल की उम्र में जर्नलिज्म की दुनिया में आने वाले विश्वदीप घोष का जन्म पटना में हुआ। रांची में उनके नाना रहते थे। आउटलुक, हिंदुस्तान टाइम्स, मागना पब्लिशिंग, टाइम्स ऑफ इंडिया जैसे मीडिया हाउस में उन्होंने काम किया। वर्तमान में खलीज टाइम्स से जुड़े हैं और पुणे में रहते हैं। एमएसडी : मैन, लीडर किताब लिखने से पहले उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान, ऐश्वर्या जैसी हस्तियों की बायोग्राफी भी लिखी है।



इसके अलावा माई ब्रदर जैक, यंग एडल्ट फिक्शन वूफ, वूफ जैसी किताबें भी लिखी हैं।

छोटे शहरों के युवा माही को मानते हैं हीरो

बुकमें यह भी है कि धौनी छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं के रोल मॉडल हैं। इससे सिद्ध होता है कि कैसे एक छोटे शहर से निकल कर एक लकड़ा मेहनत के दम पर टीम इंडिया का कामयाब कप्तान बन गया। देश को वर्ल्ड कप दिलाया। उसके नेतृत्व में क्रिकेट के बड़े-बड़े खिलाड़ी तक खेले। धौनी जिस समय टीम इंडिया में चुने गए उस वक्त टीम में बड़े शहरों के खिलाड़ी ही खेला करते थे, लेकिन धौनी ने इस परंपरा को तोड़ा। कैप्टन कूल पर लिखी यह किताब उनके व्यक्तित्व, स्वभाव उनकी उपलब्धियों को बताती है।



धौनी को एक खिलाड़ी, एक सफल कप्तान और एक बेहतरीन इंसान के रूप में चित्रित करती है।