- Hindi News
- निर्माण श्रमिकों की दुर्घटना में मौत पर दोगुना मुआवजा
निर्माण श्रमिकों की दुर्घटना में मौत पर दोगुना मुआवजा
निर्माणमजदूरों की दुर्घटना स्वाभाविक मृत्यु पर अब दोगुना मुआवजा राशि मिलेगी। दाह संस्कार के लिए मृतक श्रमिकों के परिवार को एक हजार की जगह तीन हजार रुपए दिए जाएंगे। श्रम संसाधन विभाग ने मुआवजा राशि बढ़ाने का प्रस्ताव वित्त विभाग को भेज दिया है। कैबिनेट से मंजूरी मिलते ही मुआवजा के नई दर लागू कर दी जाएगी। इस योजना से राज्य के करीब 16 लाख निर्माण मजदूरों को लाभ होगा।
निर्माण श्रमिकों के परिवार को वर्तमान में स्वाभाविक मृत्यु पर 15 हजार रुपया और दुर्घटना में मौत पर 50 हजार रुपया मिलता है। वहीं, असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को अभी स्वाभाविक मौत पर 30 हजार रुपए मुआवजा दिया जाता है। दुर्घटना में मौत पर परिजन को एक लाख रुपए देने का प्रावधान है। नई दर लागू होने के बाद यह राशि दोगुनी हो जाएगी।
श्रमिक संगठन काफी दिनों से मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। मुआवजे का लाभ के लिए निर्माण कामगार के रूप में विभाग में निबंधन जरूरी है। वर्तमान में राज्य में करीब डेढ़ लाख निर्माण मजदूर ही निबंधित हैं। हालांकि, निबंधन की पिछले तीन-चार माह में बढ़ी है।
स्वीकृति मिलते ही मिलने लगेगा लाभ
^निर्माणमजदूरों के परिवार के लिए स्वाभाविक या दुर्घटना में मौत पर मुआवजा राशि बढ़ाई जाएगी। वित्त विभाग को प्रस्ताव भेज दिया गया है। स्वीकृति मिलते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। सुरेशकुमार सिन्हा, श्रमअायुक्त
^मुआवजा बढ़ोतरी से संबंधित फाइल पर एडवोकेट जनरल ने एक लाइन लिखने में डेढ़ साल लगा दिए। सात-आठ माह पहले विभागीय कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का ध्यान आकृष्ट कराया गया था, तब उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में कार्रवाई का निर्देश दिया था। डॉ.चंद्र प्रकाश सिंह, इंटकके प्रदेश अध्यक्ष
भवन सड़क निर्माण में लगे श्रमिक, राज मिस्त्री, राज मिस्त्री का हेल्पर, बढ़ई, लोहार, पेंटर, इलेक्ट्रिशियन, फर्श फ्लोर टाइल्स का काम करने वाले मिस्त्री सहायक, सेंटिंग लोहा बांधने का काम करने वाले, गेट ग्रिल बेल्डिंग का कार्य करने वाले, कंक्रीट मिश्रण मशीन चलाने कंक्रीट मिश्रण ढोने वाले, रोलर चालक, पुल बांध निर्माण में लगे मजदूर, बांध, पुल, सड़क भवन निर्माण कार्य में लगे चौकीदार, भवन निर्माण में जल प्रबंधन का कार्य करने वाले प्लंबर फिटर, ईंट निर्माण पत्थर तोड़ने वाले मजदूर, रेलवे, टेलीफोन, हवाई अड्डा आदि के