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फैसला| हाजीपुर कोर्ट ने पास्को एक्ट के तहत दोषी करार दिया
अप्राकृतिक यौनाचार मामले में फादर टेरेसा दोषी, सजा आज
वैशालीजिले के चकवाजा गांव में अनाथ बच्चों के लिए आश्रम चला रहे प्रद्युम्न कुमार को हाजीपुर कोर्ट ने प्रोटेक्शन आॅफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंस एक्ट (पास्को) के तहत दोषी करार दिया है। बुधवार को एडीजे वन बीके त्रिपाठी की कोर्ट में प्रद्युम्न कुमार को दोषी करार दिया गया। प्रद्युम्न वैशाली जिले के पटेढ़ी बेलसर प्रखंड के चकवाजा गांव में अनाथ बच्चों के लिए लोकसेवा नाम से आश्रम चलाता था। फादर टेरेसा के नाम से चर्चित प्रद्युम्न आश्रम के बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौनाचार किया करता था। आश्रम में रह रही लड़कियों को भी उसने हवस का शिकार बनाया। विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि पास्को की धारा 6 तथा 8 के अलावे आईपीसी की धारा 376 377 में भी प्रद्युम्न दोषी पाया गया। सजा के बिंदु पर गुरुवार को सुनवाई की जाएगी। इस मामले में एक साल तक कोर्ट में बहस हुई। कुल पंद्रह गवाह पेश किए गए।
चकवाजा स्थित लोकसेवा आश्रम के संचालक प्रद्युम्न कुमार ने अपने आप को फादर टेरेसा घोषित कर बड़े-बड़े लोगों को अपनी जाल में फंसा रखा था। उसके भ्रमजाल में आईजी, भाेजपुरी फिल्म स्टार के अलावे हाजीपुर, मुजफ्फरपुर पटना के बड़े-बड़े व्यवसायी फंसे हुए थे। विदेशी लोगों का भी उसके यहां आना-जाना लगा रहता था। असलियत सामने आने से कुछ दिन पूर्व ही लोकसेवा आश्रम में इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया के कुछ नागरिक आए थे। इस दौरान इस स्वयंभू फादर टेरेसा पर यह भी आरोप लगा था कि अनाथालय की आड़ में यह बच्चों का शोषण करता है। प्रद्युम्न पर यह भी आरोप था कि विदेशियों के सामने वह छोटे-छोटे बच्चों को परोसता था।
लेकिन बड़े-बड़े लोगों से सीधे ताल्लुकात के कारण इस आरोप की जांच नहीं हो पाई। यह भी लगा था कि आश्रम की आड़ में प्रद्युम्न ने अकूत संपत्ति भी अर्जित की।
आश्रम में आती थी बड़ी-बड़ी हस्तियां
बच्चों के बीमार पड़ने के बाद हुआ था खुलासा
अपने आप को अनाथ बच्चों का मसीहा समझने वाले प्रद्युम्न के कुकृत्यों का खुलासा तब हुआ, जब पिछले साल 23 अक्टूबर को आश्रम में रह रहे कुल 37 बच्चे एक-एक कर बीमार होते गए। बीमारी से एक बच्चे की मौत भी हो गई थी। सभी बच्चों को मुजफ्फरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इस घटना की जांच के लिए तत्कालीन डीएम जीतेंद्र श्रीवास्तव ने सीओ धीरज कुमार को