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मनरेगा के तहत जरूरत के अनुरूप राशि आवंटित नहीं : मिश्रा

7 वर्ष पहले
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पटना | महात्मागांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में केंद्र सरकार से जरूरत के अनुरूप बिहार को राशि आवंटित नहीं किए जाने का कुप्रभाव योजनाओं के कार्यान्वयन एवं मजदूरों के भुगतान पर पड़ रहा है। बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री नीतीश मिश्रा ने गुरुवार को कहा कि वित्तीय वर्ष 2014-15 के लिए निर्धारित श्रम बजट के आलोक में मनरेगा योजना के तहत केद्रांश मद से 2368.83 करोड़ रुपए के आवंटन की आवश्यकता थी। इस मद में प्रथम छमाही के लिए 1184. 41 करोड़ रुपए का आवंटन केंद्र सरकार द्वारा किया जाना था, लेकिन केंद्र ने इसे लिए मात्र 769.81 करोड़ रुपए ही आवंटित किया है। मिश्रा ने कहा कि राशि के आवंटन नहीं होने से राज्य में मनरेगा से संबंधित योजनाओं का कार्यान्वयन अधूरा पड़ा हुआ है और राशि के अभाव में मनरेगा मजदूरों को आर्थिक संकट से जूझना पड़ रहा है। इसके साथ ही स्वच्छता अभियान के लिए शौचालय निर्माण पर भी राशि की कमी का असर पड़ा है। ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने जनवरी 2014 में स्वीकृत राशि 585 करोड़ रुपए के विरुद्ध मार्च तक मात्र 175 करोड़ रुपए ही विमुक्त किया है। केंद्र द्वारा राशि आवंटन में बिहार के साथ की जा रही उपेक्षा के परिणामस्वरूप वर्ष 2013-14 में 513 करोड़ रुपए की देनदारी रह गई थी, जिसमें से अभी भी 325.49 करोड़ रुपए देना है। इसी तरह वर्ष 2014-15 में भी 304.12 करोड़ रुपए का भुगतान राशि के अभाव में शेष है।







मिश्रा ने कहा कि श्रम बजट के आधार पर मनरेगा योजना के कार्यान्वयन के लिए केंद्र सरकार से समय-समय पर आवश्यक राशि की मांग की गई, लेकिन केंद्र ने इस पर ध्यान नहीं दिया। उन्होंने कहा कि राशि के अभाव में जहां नई योजनाओं को शुरू करने में कठिनाई हो रही है वहीं मजदूरों की मजदूरी भुगतान में विलंब होने से उनमें असंतोष उत्पन्न हो गया है।

दस लाख शौचालय का लक्ष्य

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि इसके अलावा स्वच्छता अभियान पर भी राशि की कमी का असर पड़ रहा है। वर्ष 2013-14 में मनरेगा एवं निर्मल भारत अभियान के तहत कुल दस लाख शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इसी तरह वित्तीय वर्ष 2014-15 में प्रत्येक ग्राम पंचायत में शौचालय बनाने की योजना थी। राशि के अभाव में भुगतान नहीं होने के कारण शौचालय निर्माण के लाभार्थियों के बीच असंतोष बढ़ रहा है। केंद्र