पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • 201 गवाह, 20 जज... फिर भी 40 साल लगे फैसले में

201 गवाह, 20 जज... फिर भी 40 साल लगे फैसले में

7 वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक
भास्कर न्यूज नेटवर्क|नई दिल्ली/पटना

पूर्वरेलमंत्री ललित नारायण मिश्र की हत्या के मामले में 40 साल बाद फैसला आया है। दिल्ली की एक कोर्ट ने चारों आरोपियों को दोषी करार दिया है। उन्हें 15 दिसंबर को फांसी या उम्रकैद की सजा हो सकती है। केस में 20 जजों ने अभियोजन पक्ष के 161 और बचाव पक्ष के 40 गवाहों को सुना।

फैसले से असंतुष्ट मिश्र के भाई बेटे ने कहा है कि 40 साल बाद फैसला आना न्यायपालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। शेषपेज 15

कड़कडड़ूमा कोर्ट के जिला जज विनोद गोयल ने चारों आरोपियों गोपाल जी, रंजन द्विवेदी, संतोषानंद अवधूत और सुदेवानंद अवधूत को दोषी ठहराया। आईपीसी की धारा 302 (हत्या), 120 बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत। मामले के एक आरोपी की मौत हो चुकी है। चारों दोषी फिलहाल जमानत पर बाहर हैं। उन्हें हिरासत में लेने के निर्देश दिए गए हैं। चारों दोषी इस फैसले को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। यानी सजा में और देरी हो सकती है।

अब उच्च अदालतों में फैसले को चुनौती देंगे दोषी