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व्याख्याता नियुक्ति में यूजीसी मानदंडों का उल्लंघन : चौधरी

7 वर्ष पहले
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नेट-पीएचडी नहीं हैं तब भी कर सकेंगे आवेदन

कहा, सरकार नवनिर्मित विश्वविद्यालय अधिनियम में करे संशोधन

बिहारप्रदेश कांग्रेस ने राज्य में व्याख्याताओं की हो रही नियुक्ति को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के मापदंडों पर करने का आग्रह राज्य सरकार से किया है। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष अशोक चौधरी ने गुरुवार को कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी से यूजीसी मापदंडों पर नियुक्ति करने का निर्देश देने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि बिहारी छात्रों के हित में यदि नवनिर्मित विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन करने की जरूरत है तो यह भी किया जाना चाहिए। चौधरी ने कहा कि यूजीसी ने 2009 में पीएचडी के लिए सेमेस्टर नियम बनाया था, लेकिन पटना विश्वविद्यालय में इसे 2012 से लागू किया गया जबकि बिहार के अन्य विश्वविद्यालयों में यह इस वर्ष से लागू होंगे। बिहार में इसके पूर्व 25 हजार पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने वाले शोधकर्ता हैं, जिन्हें व्याख्याता पद पर बहाली में अमान्य किया जा रहा है, जो राज्य के छात्रों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि बिहार के मुकाबले दूसरे राज्यों में सेमेस्टर आधारित पीएचडी की पढ़ाई पहले से हो रही है जिसका फायदा उठाकर बिहार के बाहर के छात्र यहां आकर व्याख्याता बनेंगे। यूजीसी मानक के अनुसार 80 प्रतिशत एकेडमिक एवं 20 प्रतिशत अन्तर्विक्षा के अंक निर्धारित हैं। शोध पत्र पर नौ अंक तक मिलते हैं, लेकिन बिहार में 85 प्रतिशत एकेडमिक और 15 प्रतिशत अन्तर्विक्षा के अंक एवं शोध पत्रों पर शून्य अंक निर्धारित किए गए हैं, जो यूजीसी मापदंडों का घोर उल्लंघन ही नहीं बल्कि अन्याय भी है।

पटना | अगरआप नेट उत्तीर्ण नहीं हैं और पीएचडी भी नहीं की है, तब भी विश्वविद्यालय शिक्षक नियुक्ति में आप आवेदन कर सकते हैं। बशर्ते आप स्नातकोत्तर में 55 फीसदी अंक से उत्तीर्ण हुए हैं। अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को इसमें पांच फीसदी की छूट दी गई है। शर्त यह होगी कि दिसंबर, 2014 में होने वाली नेट (राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा) आपको उत्तीर्ण होना होगा। तभी आपको बिहार लोक सेवा आयोग साक्षात्कार के लिए बुलाएगा। शिक्षा मंत्री वृशिण पटेल ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। विदित हो कि बीपीएससी ने विश्वविद्यालय शिक्षकों की नियुक्ति में 20 नवंबर तक योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगा है। 3364 पद