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शिक्षा पदाधिकारियों को एक-एक विद्यालय गोद लेने का निर्देश
गढ़वा | झारखंडसरकार मानव संसाधन विकास विभाग के सचिव अराधना पटनायक ने प्रारंभिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में सतत अनुश्रवण, पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण पर जोर देते हुए आरडीडीई से लेकर बीईईओ तक के शिक्षा पदाधिकारी को प्रत्येक माह निर्धारित संख्या में स्कूलों का निरीक्षण करने का निर्देश जारी किया है। साथ ही प्रत्येक पदाधिकारियों को अपने निकट के एक विद्यालय को गोद लेने का भी निर्देश दिया है। राज्य के सभी शिक्षा पदाधिकारियों को जारी पत्र में सचिव ने कहा है कि उनसे अपेक्षा की जा सकती है कि उनके द्वारा विद्यालय के निरीक्षण से शिक्षा एवं वर्ग कक्ष से संबंधित आनेवाली कठिनाइयों का समाधान निकाला जा सकता है। अधिकारियों को विभिन्न स्तर के स्कूलों का निरीक्षण के साथ ही प्रखंड संसाधन केंद्र, संकुल संसाधन केंद्र का भी निरीक्षण करना है।
अधिकारीएक स्कूल को लें गोद : सरकारीनिर्देश के अनुसार प्रत्येक राज्य शिक्षा सेवा के पदाधिकारियों को अपने पदस्थापन स्थल के निकट के एक विद्यालय को गोद लेने को कहा गया है। सरकार का मानना है कि राज्य सेवा के सभी पदाधिकारी शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त है इसलिए उनके विद्वता का लाभ स्कूलों को मिले। गोद लिए हुए स्कू लों की संपूर्ण गतिविधियों में संबंधित शिक्षा पदाधिकारी की सहभागिता सुनिश्चित हो। इसलिए गोद लिए गए विद्यालय में माह में पांच दिन उस विद्यालय में अधिकारी का भ्रमण अवश्य हो। पांच दिनों के अलावे भी उस विद्यालय दिवस में फोन के माध्यम से शिक्षक और समिति से संपर्क बनाए रखें। गोद लिए गए स्कूलों को प्रयास कार्यक्रम से जोड़ने का भी निर्देश दिया गया है। पत्र में सरकार ने भी माना है कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी है।
कमी को दूर करने के लिए विभाग को प्रयासरत बताते हुए सेक्रेटरी ने कहा है कि उपलब्ध संसाधनों का वैज्ञानिक दृष्टिकोण से उपयोग करने का सुझाव दिया है। साथ ही कहा है कि वर्तमान विद्यालय की व्यवस्था में ग्राम शिक्षा समिति और विद्यालय प्रबंधन समिति को छोड़ कही भी सामुदायिक सहभागिता मृतप्राय है।