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बारिश ने फिर डराया, उपद्रवियों से निपटने को दो बटालियन तैनात

7 वर्ष पहले
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भास्कर न्यूज नेटवर्क|श्रीनगर/जम्मू

जम्मू-कश्मीरमें रविवार सुबह अचानक हुई बारिश से करीब तीन घंटे तक राहत का काम रुका रहा। घने बादलों अंधेरे की वजह से किसी भी हेलिकॉप्टर ने उड़ान नहीं भरी। दिन में 11 बजे के बाद बारिश थमने पर सभी टीमें फिर से बचाव कार्य में जुट पाईं। सेना ने अब तक करीब दो लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया है। उधर, हेलिकॉप्टरों पर पथराव राहत बलों पर हमलों के मद्देनजर जम्मू से सशस्त्र पुलिस श्रीनगर भेजी गई है। दो बटालियनों को हवाई मार्ग से भेजा गया। कश्मीर में बीमारियों के फैलने के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों से सरकारी अस्पतालों में लौटने को कहा गया है। सुबह करीब साढ़े आठ बजे बारिश शुरू हुई। इससे कश्मीर के लोग एक बार फिर डर गए। ज्यादा परेशानी उन लोगों को हुई जो इन दिनों सड़कों पर ही हैं। हालांकि तीन घंटे में बारिश खत्म होते ही सेना ने बचाव अभियान फिर शुरू कर दिया।

दूसरी तरफ, सरकार के पटरी पर लौटाने की कवायद शुरू हो गई है। चीफ सेक्रेटरी एमआई खांडे ने कर्मचारियों से काम पर जल्द लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि जो दफ्तर में रिपोर्ट नहीं करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।

मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे बने राहत शिविर

जम्मू में ढाई हजार सड़कें टूटीं राष्ट्रीय राजमार्ग 10 दिन से बंद

जम्मू|जम्मूकश्मीर में आई बाढ़ की वजह से राज्य में करीब 2,500 सड़कों 163 पुलों को नुकसान पहुंचा है। जम्मू कश्मीर के सड़क भवन मंत्री अब्दुल माजिद वानी ने रविवार को यह जानकारी दी। इधर, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भूस्खलन के कारण बीते 10 दिनों से बंद पड़ा है। सेना एवं बॉर्डर रोड संगठन के जवान मार्ग ठीक करने में जुटे हैं।

मांसऔर प्याज का भाव समान : कश्मीरमें बाढ़ ने जहां सब्जियों के दाम बढ़ा दिए हैं वहीं मांस के दाम गिर गए हैं। ऐसा बाढ़ के चलते शादियों के कार्यक्रम रद्द होने की वजह से हुआ है। इस समय श्रीनगर में चिकन प्याज 50 रुपए किलो बिक रहे हंै।

कुदरत की मार ने कश्मीर के लोगों में अमीर-गरीब और धर्म का अंतर मिटा दिया है। सभी धर्म और सभी स्तर के लोग इस समय मंदिरों, मस्जिदों और गुरुद्वारों में बने राहत शिविरों में साथ हैं। एक साथ खाना खा रहे हैं। एक-दूसरे का साथ दे रहे हैं। शंकराचार्य मंदिर में बने राहत शिविर में हजारों ऐसे लोग हैं जो अपने घर, कारोबार खो चुक