जदयू बहती नदी की तरह जीवंत बनेगा, कि तालाब की तरह बंद
मुख्यमंत्रीनीतीश कुमार ने कहा कि सरकार अपना काम करेगी और किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। हर हाल में कानून का राज स्थापित रहेगा। बिहार में अपराध में लगातार कमी आई है। विपक्ष के भ्रामक बयानों और खबरों से धारणा बनाई जा रही है कि अपराध बढ़ गए हैं। राजबल्लभ यादव पर कार्रवाई से यह प्रमाणित होता है कि बिहार में कानून का राज है। गठबंधन के दल राजद ने भी उनके खिलाफ कार्रवाई की है। किसी घटना पर गहराई से अनुसंधान किया जाता है और दोषियों की गिरफ्तारी भी हो रही है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन सभी मुद्दों को लेकर विपक्ष को बेनकाब करने और जनता को वास्तविक तथ्यों से अवगत करने को कहा।
मुख्यमंत्री रविवार को पार्टी की प्रदेश कार्यकारिणी को संबोधित कर रहे थे। बैठक का आयोजन 7, सर्कुलर रोड में किया गया। सीएम ने कहा कि जदयू को बहती नदी की तरह जीवंत बनाया जाएगा कि तालाब की तरह बंद। संगठन से बुद्धिजीवी, रणनीतिकार के साथ समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों को जोड़ा जाए और उनके अनुभवों का लाभ उठाया जाए। प्रदेश में कम से कम 50 लाख नए सदस्य बनाने का टास्क भी राज्य कार्यकारिणी को दिया।
नीतीश कुमार ने कहा कि जदयू कार्यकर्ता अपनी सरकार के कल्याणकारी विकास कार्यों को जनता के बीच लेकर जाएं। सात निश्चय में से एक महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण राज्य सरकार ने पूरा कर दिया। इसी प्रकार शराबबंदी की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि 31 मार्च को जो भी देसी शराब बचेगा, उसे नष्ट कर दिया जाएगा। विदेशी शराब भी केवल प्रदेश के नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में ही बिकेगी। इसके अलावा एक मई से लोक शिकायत निवारण अधिकार कानून लागू हो जाएगा। इससे लोगों की शिकायतें निश्चित समय में दूर की जाएंगी। शिकायतों का निवारण नहीं हुआ तो अपील होगी और वहां से भी काम नहीं होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
उत्तरप्रदेश के बाद देश से भाजपा की विदाई
मुख्यमंत्रीने कहा कि जदयू बिहार के बाहर भी अपनी ताकत बढ़ाएगा। यूपी से इसकी शुरुआत होगी। वहां कई दलों के साथ जदयू का गठबंधन बना है। देश गलत हाथों में चला गया है। यूपी के बाद देश से भाजपा की विदाई की शुरुआत हो जाएगी।
अपनी विचारधारा सब पर थोपना चाहती है भाजपा
सीएमने कहा कि जेएनयू की घटना से साबित होता है कि भाजपा अपनी एकांकी विचारधारा सभी पर तोपना चाहती है। सीपीआई- सीपीएम से किसी के राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं लेकिन वे देशद्रोही नहीं हो सकते। यह सब भाजपा की प्रायोजित कहानी है। यह स्पष्ट हो गया है कि वहां एबीवीपी के लोगों ने नारेबाजी की थी। रोहित बेमूला की प्रताड़ना आत्महत्या के बाद देश के कमजोर वर्गों में चिंता है।
बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डीजीपी अन्य पुलिस अिधकारी।