अपराधियों पर लगाम नहीं लगा रही सरकार
राज्यमें कानून व्यवस्था की खराब स्थिति को लेकर एनडीए का प्रतिनिधिमंडल रविवार को राज्यपाल से मिला। नेताओं ने राज्यपाल रामनाथ कोविंद से मौजूदा परिस्थिति में तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध किया और कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य सरकार पूरी तरह विफल हो गई है। अगर जरूरी हो तो वे सरकार के खिलाफ कठोर निर्णय भी लें, ताकि जनता भयमुक्त वातावरण में जी सके। पूरे प्रदेश में अपराधियों की समानांतर सत्ता स्थापित हो गई है और वे सरकार-प्रशासन से बेखौफ हैं। जदयू, राजद कांग्रेस के गठजोड़ से प्रदेश में फिर भय का वातावरण तैयार हो गया है।
सरकार सत्ता में बने रहने के लिए विरोधियों की आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। विरोधी दल के कार्यकर्ताओं की हत्याओं का दौर शुरू हो गया है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मंगल पांडेय ने कहा कि 16 फरवरी को सभी जिला मुख्यालयों में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। राज्यपाल ने उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। प्रदेश में अपराध का ग्राफ इस कदर बढ़ा है कि समाज का हर तबका अपने जान-माल को लेकर चिंतित है।
इन घटनाओं से राज्यपाल को कराया अवगत
{भाजपाके प्रदेश उपाध्यक्ष विशेश्वर ओझा की 12 फरवरी को सरेआम आरा के सोनवर्षा बाजार में हत्या कर दी गई। कारबाइन का इस्तेमाल किया गया।
{11 फरवरी को सारण में भाजपा कार्यकर्ता केदार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
{पांच फरवरी को कच्ची दरगाह में लोजपा कार्यकर्ता बृजनाथी सिंह की हत्या एके 47 से कर दी गई। अपराधी अब तक पकड़े नहीं गए।
{नवादा के राजबल्लभ यादव पर नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ है। अभी तक पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
{पूर्णिया के सांसद रुपौली की जदयू विधायक अपराधी को थाने से छुड़ाकर ले जाते हैं और पुलिस प्रशासन मौन है।